राष्ट्रपति पद के लिए शिवसेना ने शरद पवार का नाम सुझाया है। शिवसेना चाहती है कि भारतीय जनता पार्टी भी उन्हें समर्थन दे। शिवसेना के संजय रावत ने कहा कि वो एक योग्य नेता हैं और योग्य राष्ट्रपति बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के कार्यकाल खत्म होने के बाद देश के अगले राष्ट्रपति बनने के लिए वो एकदम उपयुक्त हैं।
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राउत ने कहा कि अगर शरद पवार के नाम पर आम सहमति बनती है तो इस चर्चा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना की पहली पसंद राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत हैं। लेकिन भागवत ने साफ कर दिया की की वो राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं क्योंकि आरएसएस के नियम उन्हें इस पद को ग्रहण करने से रोकते हैं।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में भाजपा और शिवसेना के संबंध कुछ ठीक नहीं हैं। लेकिन इस महीने के शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली में आयोजित एनडीए नेताओं के डिनर में उन्होंने हिस्सा लिया था। ठाकरे ने भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने की बात भी कही थी। लेकिन अगर पिछले 2 सालों के चुनावों को देखा जाए तो शिवसेना ने कांग्रेस उम्मीदवारों का ही समर्थन किया है।
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इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने राष्ट्रपति चुनाव निर्विरोध कराए जाने की बात की थी। पवार सोलापुर में एक कार्यक्रम में शरीक हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष से बात करके राष्ट्रपति चुनाव निर्विरोध करा सकते हैं।
हालांकि खुद शरद पवार ने राष्ट्रपति पद की दौड़ में खुद को शामिल करने की बात का खंडन किया है। उनकी पार्टी भी ये बात कह रही है कि वो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं बनेंगे।