'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। जहां विपक्ष के कई नेता इसे सियासी फायदे के लिए बनाई गई फिल्म बता रहे हैं वहीं शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इन सबसे हटकर बयान दिया है। राउत ने कहा है कि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना ठीक नहीं है। 'द कश्मीर फाइल्स' सिर्फ एक फिल्म है, मुझे नहीं लगता कि इससे आने वाले चुनावों में किसी को कोई राजनीतिक फायदा होगा। चुनाव आने तक फिल्म चली जाएगी। राउत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को देखना चाहिए कि अपने घरों से विस्थापित हुए कश्मीरी पंडित कब और कैसे कश्मीर लौट पाएंगे।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साधा निर्देशक विवेक अग्निहोत्री पर निशाना
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कुछ फिल्में परिवर्तन को प्रेरित करती हैं। कश्मीर फाइलें नफरत को उकसाती हैं। सत्य न्याय, पुनर्वास, सुलह और शांति की ओर ले जा सकता है। प्रचार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है, क्रोध को भड़काने और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए इतिहास को विकृत करता है। राजनेता घावों को ठीक करते हैं। प्रचारक विभाजित और शासन करने के लिए भय और पूर्वाग्रह का फायदा उठाते हैं।
फिल्म की आड़ में कश्मीरी मुसलमानों का दमन नहीं करना चाहिए: थरूर
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि यह फिल्म काफी हद तक यह सही है। कश्मीरी पंडितों को बहुत नुकसान हुआ। हमें उनके अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए। लेकिन कश्मीरी मुसलमानों का दमन करना पंडितों की भी मदद नहीं करता है। नफरत बांटती है और मारती है। कश्मीरियों को न्याय चाहिए। सभी को सुनने, मदद करने और की आवश्यकता है।
बिहार में एनडीए में सभी एकमत नहीं
इस बीच बिहार सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री डॉ. आलोक रंजन ने जीतन राम मांझी के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इससे हर देशवासी को कष्ट हुआ होगा। फिल्म के आतंकी कनेक्शन की बात बिल्कुल गलत है। उन्हें ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कश्मीर की सच्चाई को देश के सामने लाया है।
इससे पहले जीतन राम मांझी ने ट्वीट किया था कि यह आतंकियों की गहरी साजिश का परिणाम हो सकता है। इस फिल्म को दिखाकर आतंकवादी संगठन कश्मीरी ब्राह्मणों के मन में डर पैदा रहे हैं, ताकि वे दोबारा कश्मीर में वापस नहीं जाएं। इस फिल्म की यूनिट सदस्यों के आतंकी कनेक्शन की जांच होनी चाहिए।
दरअसल, बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में भाजपा, जदयू के साथ हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा भी शामिल है। इसके अध्यक्ष मांझी ही हैं।