'सामना' के कार्यकारी संपादक और शिवसेना नेता संजय राउत (फाइल फोटो)
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बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने पर शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने कहा है कि भाजपा नीतीश के सामने नतमस्तक है। आखिरकार, भाजपा ने बिहार का फार्मूला महाराष्ट्र में क्यों नहीं अपनाया?
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने साक्षात्कार में कहा कि 'भाजपा को ज्यादा सीटें मिलने के बावजूद नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे, लेकिन बिहार के इस फार्मूले को महाराष्ट्र में या अन्य राज्य में प्रयोग नहीं किया गया। शाह का बयान कि नीतीश कुमार पुराने और भरोसे के साथी हैं यह तर्कसंगत नहीं है। नीतीश कुमार एनडीए से नाता तोड़कर फिर वापस लौटे हैं। फिर भी वह पुराने और निष्ठावान साथी साबित होते हैं। इसके लिए नीतीश की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। वह ये सब कैसे कर पाते हैं यह रहस्य ही है।'
हैदराबाद की सड़क, मुजफ्फरपुर की स्ट्रीट लाइट
शिवसेना ने सवाल किया है कि क्या नीतीश बिहार में विकास का चेहरा हैं? मुजफ्फरपुर स्ट्रीट लाइट योजना का बखान कर उनके मंत्री ने इसकी पोल खोल दी है। बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने हैदराबाद के एक रास्ते का फोटो सोशल मीडिया पर डाल कर दावा किया कि यह मुजफ्फरपुर का है। यह महाशय कहते हैं कि मुजफ्फरपुर के रास्ते कैसे जगमगाहट भरे हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर को छान मारने के बावजूद मंत्री द्वारा डाली गई तस्वीर नहीं मिली। क्योंकि वह हैदराबाद के सड़क की तस्वीर थी। यह बिहार के विकास का असली चेहरा है।