गंगा विलास की सफलताओं के बाद दूसरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकला जहाज एमवी किंदत पांडव भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (आईबीपीआर) के माध्यम से अपनी यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को असम के धुबरी में लंगर डाला।
जहाज यहां से प्राचीन ब्रह्मपुत्र यात्रा पर रवाना होगा, जहां असम की समृद्ध सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और यूके के 31 पर्यटकों को प्रदर्शित किया जाएगा। 21 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नदी क्रूज प्रवास का समापन गुवाहाटी के पांडु में होने की संभावना है।
इस विकास पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और आयुष मंत्री, सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "असम में अंतर्देशीय जलमार्ग के पुनरुत्थान में यह एक महत्वपूर्ण क्षण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, हमारा मंत्रालय ब्रह्मपुत्र की आर्थिक क्षमता का पता लगाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है और यह व्यवहार्य भी है।अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की रुचि उत्साहजनक रही है क्योंकि वे असम की ताजा प्राकृतिक सुंदरता से आश्चर्यचकित होंगे।
इस यात्रा से पर्यटकों को क्या होगा हासिल
पर्यटकों को इस यात्रा के माध्यम से एक गहन अनुभव का आनंद लेने और पूरे मार्ग में भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का पता लगाने का अवसर मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'ये सफल यात्राएं हमें हमारी समृद्ध नदी अर्थव्यवस्था को अनुकूलित करके ब्रह्मपुत्र की विशाल आर्थिक क्षमता को अनलॉक करने के लिए आगे काम करने का संकल्प देती हैं।'
कब तक जहाज पहुंचेगा पांडु बंदरगाह
यात्रा 24 अक्तूबर, 2023 को कोलकाता से शुरू हुई और 3 नवंबर, 2023 को बांग्लादेश के ढाका पहुंची। धुबरी के पास जीरो पॉइंट पर, बांग्लादेश से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद, जहाज 18 दिनों में 1310 किमी की दूरी तय कर चुका है। यात्रा तब पूरी होने की संभावना है जब एमवी किंदत पांडव 12 या 13 नवंबर, 2023 तक पांडु बंदरगाह पर पहुंचेगा।
गौरतलब है कि पहली अंतरराष्ट्रीय और साथ ही दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा इस साल की शुरुआत में शुरू हुई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के वाराणसी से 'गंगा विलास' को हरी झंडी दिखाई थी। भारतीय राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के साथ-साथ बांग्लादेश से गुजरने के बाद, यह अपनी 39 दिनों की यात्रा में असम के धुबरी में पहुंचा।
दुनिया में सबसे लंबी नदी यात्रा करार दी गई, गंगा विलास द्वारा वाराणसी से बोगीबील यात्रा 28 फरवरी, 2023 को पूरी हुई, जब इसने डिब्रूगढ़ के बोगीबील में लंगर डाला और अपने 51-दिवसीय क्रूज के करीब पहुंच गई।