बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा मामले में देश-विदेश से बयान आ रहे हैं। पड़ोसी देश भारत इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के बयान के बाद पूर्व राजनयिक और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी। थरूर समेत अन्य नेताओं और सियासी हस्तियों ने शेख हसीना मामले में क्या कहा? जानिए इस खबर में
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सुनाई गई सजा-ए-मौत पर प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेशी न्यायाधिकरण से पारित इस आदेश पर ढाका से भारत तक सियासी हलचल देखी जा रही है। हसीना को मृत्युदंड पर कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा, 'घरेलू और विदेशी, दोनों ही स्तरों पर मैं मृत्युदंड में विश्वास नहीं करता।'
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थरूर ने सजा-ए-मौत को परेशान करने वाला घटनाक्रम बताया
मुकदमे के अभियुक्त या आरोपी की गैरहाजिरी में सुनाई गई सजा को लेकर थरूर ने कहा, 'किसी की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाना जहां किसी को अपना बचाव करने और खुद का पक्ष रखने का मौका ही नहीं मिलता और फिर आप मृत्युदंड की घोषणा कर देते हैं तो यह अनुचित लगता है।' थरूर ने कहा, यह बहुत परेशान करने वाला घटनाक्रम है।
कूटनीति प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रही है...
कांग्रेस सांसद थरूर ने भारत की विदेश नीति और विदेश मंत्रालय की कूटनीति को लेकर कहा, 'इस वर्ष हमने तकनीकी कूटनीति का मुद्दा उठाया है। इसमें बाह्य अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हमारी कूटनीति प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रही है। आज विदेश मंत्रालय में इस मुद्दे पर पहली बार सचिव ने ब्रीफिंग की।
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तकनीकी कूटनीति बहुत महत्वपूर्ण
थरूर के मुताबिक हमारे कई और सत्र होंगे क्योंकि हम अन्य मंत्रालयों और विशेषज्ञों की राय भी सुनना चाहते हैं। हमारी तकनीकी कूटनीति बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आने वाले दिनों में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि फरवरी में इस आयोजन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यहां अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बात की जाएगी।
शेख हसीना को किस मामले में सजा सुनाई गई
बता दें कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने सोमवार को शेख हसीना को सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया। ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश) ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए कहा कि वे अधिकतम सजा की हकदार हैं। न्यायाधिकरण ने शेख हसीना के सहयोगी रहे देश के तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई।