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शीना बोरा मर्डर केस: मिखाइल बोरा का कोर्ट में दावा, मां इंद्राणी ने 12वीं के सर्टिफिकेट में की जालसाजी

सार

शीना बोरा हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मिखाइल बोरा ने विशेष सीबीआई अदालत में मां इंद्राणी मुखर्जी पर 12वीं के प्रमाणपत्र में जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने करियर प्रभावित होने और जान को खतरा होने की आशंका जताते हुए मामले के जल्द निपटारे तथा इंद्राणी की गतिविधियों की जानकारी मांगी है।
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इंद्राणी मुखर्जी पर मिखाइल बोरा का दावा - फोटो : ANI
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विस्तार
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शीना बोरा हत्याकांड की सुनवाई में एक नया मोड़ सामने आया है। मृतका शीना बोरा के भाई और मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के बेटे मिखाइल बोरा ने विशेष अदालत में अपनी मां पर जालसाजी और धोखाधड़ी के संगीन आरोप लगाए हैं। विशेष सीबीआई अदालत को भेजे गए दो अलग-अलग पत्रों में मिखाइल ने दावा किया है कि इंद्राणी ने उनके कक्षा 12वीं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र में जालसाजी की है। इस  वजह से उनके करियर और नौकरी पाने के अवसरों पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके साथ ही, मिखाइल ने अपनी जान की सुरक्षा को लेकर भी अदालत के सामने चिंता जाहिर की है।
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अदालत में दायर याचिका में मिखाइल ने विस्तार से बताया कि सर्टिफिकेट में की गई इस गड़बड़ी के कारण वे महाराष्ट्र में नौकरी हासिल नहीं कर सके, जिससे उनके परिवार को लंबे समय तक आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। अब शादीशुदा हो चुके मिखाइल अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने अदालत से इस पूरे मामले का जल्द से जल्द निपटारा करने का आग्रह किया है और कहा है कि न्यायपालिका पर उनका पूरा भरोसा बना हुआ है।
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अपनी दूसरी याचिका में मिखाइल ने चार स्क्रीनशॉट पेश करते हुए दावा किया कि इंद्राणी ने हाल ही में गुवाहाटी का दौरा किया था। मिखाइल ने आशंका जताई है कि इंद्राणी उनके रहने की जगह पर भी आई हो सकती हैं। उन्होंने अदालत से इंद्राणी की इन गतिविधियों की जानकारी मांगी है। इस मामले में सीबीआई को भी एक ईमेल मिला है, जिसके बाद कोर्ट ने जांच एजेंसी को दोनों पत्रों का जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इस हत्याकांड का ट्रायल वर्ष 2017 में शुरू हुआ था, जिसमें मिखाइल पांचवें गवाह थे। मिखाइल ने पहले भी आरोप लगाया था कि इंद्राणी उन्हें कई बार नशीला पेय पदार्थ देती थीं, जिसे पीने के बाद उन्हें चक्कर आने लगते थे और पसीना आता था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 2014 में उन्होंने जानबूझकर वह ड्रिंक पिया था ताकि वे समझ सकें कि इंद्राणी के दिए पेय को पीकर उनके शरीर में ऐसे लक्षण क्यों उभरते थे। अगस्त 2015 में जब इंद्राणी की गिरफ्तारी हुई और शीना की हत्या का खुलासा हुआ, तब मिखाइल को 24 अप्रैल 2012 की घटना याद आई और उन्हें अहसास हुआ कि इंद्राणी और सह-आरोपी संजीव खन्ना ने उनकी भी हत्या की साजिश रची थी। जब भी उन्होंने शीना के बारे में पूछा, इंद्राणी उन्हें लगातार गुमराह करती रहीं।
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हालांकि, जिरह के दौरान मिखाइल ने यह भी माना था कि 2012 में उन्हें अपनी जान पर किसी खतरे का शक नहीं था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि इंद्राणी और खन्ना उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे। वे इस बात का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए थे कि उन्होंने यह बात पुलिस को पहले क्यों नहीं बताई थी। उन्होंने पुणे के एक पुनर्वास केंद्र में करीब आठ महीने बिताने की बात भी स्वीकार की थी। सीबीआई का आरोप है कि इंद्राणी, खन्ना, उनके पूर्व पति पीटर मुखर्जी और ड्राइवर श्यामवर राय ने मिलकर शीना का अपहरण कर उसकी हत्या की थी और मिखाइल को भी मारने की साजिश रची थी। 24 अप्रैल 2012 को शीना की हत्या कर शव को रायगढ़ के पेन इलाके में ठिकाने लगा दिया गया था, जिसका खुलासा 2015 में हुआ।
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