भारत-पाकिस्तान के बीच हमेशा ही विवाद बना रहता है। अब भाजपा नेता और इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक शौर्य डोभाल ने बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रणनीतिक खतरे से ज्यादा अब भारत के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। इसकी वजह यही है कि भारत ने अपने पड़ोसी देश पर बढ़त हासिल कर ली है।
डोभाल ने कहा कि भारत की विशेषता उसकी आर्थिक वृद्धि है, लेकिन उन्होंने इस वृद्धि को समर्थन देने तथा रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पाकिस्तान और चीन सहित अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को संभालने पर जोर दिया।
कोई रणनीतिक खतरा नहीं
इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक ने साइबर आतंकवाद से लड़ने के लिए निजी खिलाड़ियों को शामिल करने का भी समर्थन किया और उन्होंने पूरी तरह कानूनी तथा सैन्य उपायों पर निर्भर रहने के बजाय व्यापक सामाजिक प्रतिक्रिया का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में कई बिंदुओं को पार किया है। हालांकि वे अब भी चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं, लेकिन अब वे कोई गंभीर खतरा नहीं हैं। पाकिस्तान आज हमारे लिए परेशानी का सबब है, लेकिन हमारे लिए कोई रणनीतिक खतरा नहीं है। इसलिए यह एक स्थिति है, जिसका समाधान हो गया है।'
रणनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए मिलता रहे समय
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के पूर्वी मोर्चे पर समान गतिशीलता चल रही है, जबकि चेतावनी दी कि भारत का उत्तरी पड़ोसी अपनी सैन्य क्षमताओं और इरादों के कारण एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत की खासियत आर्थिक वृद्धि है। हमें अपने पड़ोस के साथ संबंधों को इस प्रकार संभालना होगा ताकि हमें अपने आर्थिक लक्ष्य तक पहुंचने और पड़ोसियों की तुलना में हमें रणनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए लगातार समय मिलता रहे।'
डोभाल ने कहा, 'यदि हमारा उत्तरी पड़ोसी वैश्विक मंच पर हावी होने की इच्छा रखता है, तो वे भारत को उसकी वर्तमान स्थिति तक सीमित देखना पसंद करेंगे। यदि वे हमारे क्षेत्र में अपनी उपस्थिति स्थापित करने में विफल रहते हैं तो उनकी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं में बाधा आ सकती है।'
भारत प्रगति कर रहा
आर्थिक वृद्धि को भारत की प्राथमिक ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें आर्थिक प्रगति के लिए और रणनीतिक लाभ हासिल करने के लिए अपने पड़ोस को संभालने की जरूरत है। उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे सहित भारत और उसके पड़ोसियों के बीच आर्थिक अंतराल को पाटने के लिए एक केंद्रित प्रयास पर जोर दिया और कहा कि भारत इस दिशा में प्रगति कर रहा है।
आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर डोभाल ने कहा कि इसे महज सरकार की प्रतिक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद स्कूलों से लेकर अस्पतालों तक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में घुसपैठ कर सकता है और इसके लिए हमारे देश को तैयार करने और उसकी रक्षा करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।'