कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को राजपथ का नाम बदलकर कार्तव्य पथ करने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि क्या सभी राजभवनों का नाम भी कार्तव्य भवन नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान का नाम बदलकर कार्तव्यस्थान किया जाना चाहिए।
उन्होंने ट्विटर पर कहा कि अगर राजपथ का नाम बदलकर कार्तव्य पथ करना है, तो क्या सभी राजभवन कार्तव्य भवन नहीं बन सकते। यहीं क्यों रुकना? राजस्थान का नाम बदलकर कार्तव्यस्थान रख दें? दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ सितंबर को कार्तव्य पथ का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा था कि राजपथ भारत की गुलामी का प्रतीक है और इसलिए इसे इतिहास में डाल दिया गया है।
इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी शुक्रवार को इसी तरह का सवाल उठाया था जब उन्होंने ट्वीट किया था कि क्या सभी राजभवन अब कार्तव्य भवन के रूप में जाने जाएंगे? उन्होंने शनिवार को एक और ट्वीट किया था कि पश्चिम बंगाल के लिए नए भाजपा प्रभारी कार्तव्यधानी एक्सप्रेस से सियालदह तक अपनी कर्तव्य कचौरियों का आनंद ले सकते हैं और उसके बाद एक अच्छा मीठा कर्तव्य भोग भी। स्वादिष्ट। दरअसल, बीजेपी ने बिहार के अपने पूर्व मंत्री मंगल पांडे को पश्चिम बंगाल का पार्टी प्रभारी बनाया है।