कांग्रेस नेता शशि थरूर सोमवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में एक मंदिर में एक हादसे के शिकार हो गए थे। उनके सिर और पैर में चोट आई थी। मंगलवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने घटना की जांच कराने की मांग की है।
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस प्रत्याशी शशि थरूर सोमवार को मंदिर में पूजा करते हुए घायल हो गए थे। वह मंदिर में थुलाभरम भेंट कर रहे थे जब यह हादसा हुआ। यह घटना थमपनूर के गांधारी अम्मन कोविल मंदिर में घटित हुई। जहां वह तराजू पर बैठे थे जो कि गिरकर टूट गया। थरूर को सिर और पैरों में चोट लगी थी। उन्हें प्रारंभिक इलाज के लिए तुरंत पास के अस्पताल लेकर जाया गया था, जहां से उन्हें सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जांच की मांग करते हुए थरूर ने कहा कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा, 'मेरी मां 80 साल की हैं। उन्होंने भी यही कहा कि इस तरह की दुर्घटना के बारे में उन्होंने कभी नहीं सुना। इसलिए शंका का समाधान करना बेहतर होगा।'
इससे पहले आज सुबह केरल में चुनाव प्रचार कर रहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अत्पताल पहुंच कर थरूर के स्वास्थ्य के बाके में जानकारी ली थी। थरूर ने ट्विटर पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, 'सीतारमण के स्वभाव ने मुझे काफी प्रभावित किया, वह अपने व्यस्त चुनाव प्रचार कार्यक्रम से समय निकालकर मुझसे मिलने अस्पताल आईं। भारतीय राजनीति में यह शिष्टाचार का दुर्लभ गुण है। उन्हें ऐसा करते हुए देखकर अच्छा लगा।'