विश्व कप टीम में जगह बनाने से चूके अंबाती रायुडू अपने बल्ले से जवाब देना चाहेंगे जब शानदार फॉर्म में चल रही चेन्नई इंडियन टी-20 लीग के 33वें मैच में बुधवार को हैदराबाद से खेलने उतरेगी।
महेंद्र सिंह धोनी की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने से सिर्फ एक जीत दूर है। ऐसे में रायुडू का विश्व कप टीम से बाहर रहना एकमात्र निराशा का सबब है। हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने राजस्थान के खिलाफ अर्धशतक जमाकर फार्म हासिल किया। एक समय चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये सर्वश्रेष्ठ विकल्प माने जा रहे रायुडू टीम से बाहर होने की हताशा हैदराबाद पर उतारने को बेताब होंगे।
चेन्नई की टीम आठ मैचों में 14 अंक लेकर शीर्ष पर है जबकि लगातार तीन मैच हार चुके हैदराबाद के हौसले पस्त है। उसे पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने मात दी। ‘बूढे घोड़ों की फौज’ करार दी गई चेन्नई की ताकत यह है कि उसके पास टीम संयोजन में विविधता है। हालात के अनुरूप उसके पास प्लान ए , बी या सी है लेकिन सनराइजर्स के सलामी बल्लेबाज जानी बेयरस्टा और डेविड वॉर्नर के नाकाम होने पर पूरी टीम दबाव में आ जाती है।
वॉर्नर के 400 और बेयरस्टो के 304 रन के बाद तीसरे नंबर पर विश्व कप टीम में जगह बना चुके विजय शंकर (132 रन) हैं। हैदराबाद की समस्या उसका मध्यक्रम रहा है। मनीष पांडे छह मैचों में 54, दीपक हुड्डा 47 और युसूफ पठान 32 रन ही बना सके हैं। पठान काफी समय से पिछली साख पर टीम में बन हुए हैं लेकिन लंबे समय से अच्छी पारी नहीं खेल पाए।
दूसरी ओर धोनी ने अलग अलग हालात के अनुरूप अलग अलग संयोजन उतारे हैं और उनकी टीम कप्तान के भरोसे पर सही भी उतरी है। चेपॉक के धीमे विकेट पर हरभजन सिंह हों या बाहर के विकेटों पर मिशेल सेंटनेर, धोनी की अधिकांश रणनीतियां कारगर साबित हुई है।
चेन्नई के लिए इस सत्र के स्टार 40 बरस के इमरान ताहिर रहे हैं जो 13 विकेट ले चुके हैं। हैदराबाद को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए हर हालत में यह मैच जीतना होगा जो उतना आसान नहीं लग रहा।