कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित चाय बैठक के पीछे का संदेश इतना महत्वपूर्ण है कि इसके लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में शामिल होने पहुंचे थरूर ने कहा कि इसके नतीजे पर कोई टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी।
थरूर ने पत्रकारों से कहा, ''मैं अभी बैठक में शामिल होने जा रहा हूं। जो हुआ ही नहीं है, उसके बारे में मैं आपको अपनी राय कैसे बता सकता हूं? संदेश इतना महत्वपूर्ण है कि इसके लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। यही संदेश है।''
राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन जारी रहेगा
इस बीच, राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के ‘चलो दिल्ली’ मार्च के बाद लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर चर्चा के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया है। बैठक के बाद सभी नेता मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ''आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के अपने साथियों को चाय पर अपने घर बुलाया है। लोकतंत्र की रक्षा के इस जन आंदोलन में हम सभी एक साथ हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।'' उन्होंने आगे कहा, ''चाय के बाद हम सभी एक साथ मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। सभी प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं।''
एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे विपक्षी नेता
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने सोमवार को बरखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े निर्वाचन आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए और उनके कदमों को कथित तौर पर गैरकानूनी बताया। पायलट ने पत्रकारों से कहा, ''देश के लोग चिंतित हैं। हमने न्यायपालिका से अपील की है। मुद्दा यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका सवालों के घेरे में है। उन्होंने जो किया, वह गैरकानूनी है।'' पायलट की यह टिप्पणी एसआईआर और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आई है।