बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ में भारी तबाही हुई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी बुधवार को नेपाल में मौजूद थे। थरूर एक कार्यक्रम में शामिल होने बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे और उन्हें उत्तरी नेपाल में आई भयावह बाढ़ के बारे में पता नहीं था। थरूर ने बाढ़ में हुई भारी जान-माल की तबाही पर चिंता जताई है।
थरूर ने क्या बताया?
शशि थरूर ने गुरुवार को एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया, कल काठमांडू के लिए निकला था, और मुझे पहाड़ों में हुई उस तबाही के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था जिसने इतना भारी नुकसान पहुंचाया है।'कांग्रेस सांसद ने कहा कि काठमांडू पहुंचने के बाद उन्हें आपदा से हुई तबाही के बारे में पता चला। गौरतलब है कि नेपाल त्रासदी में मरने वालों का आंकड़ा 177 हो गया है और नेपाल और चीन में 1500 के करीब लोग लापता हैं, जिनमें 300 से ज्यादा भारतीय शामिल हैं।
तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, 'काठमांडू पहुंचने पर मुझे जान-माल के नुकसान और इस बात का पता चला कि करीब दो हजार या उससे ज़्यादा लोग लापता हैं।'
बाढ़ से नेपाल में हुई भारी तबाही
उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे भारी तबाही मचाई। थरूर ने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया, जिससे यह तबाही आई। बाढ़ के तेज पानी ने कम से कम 19 परिवहन पुलों को नष्ट कर दिया, बेट्रावती-रसुवागढ़ी हाईवे का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा तबाह हो गया और आठ चालू पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
शशि थरूर
- फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार की तारीफ में क्या बोले थरूर?
थरूर ने कहा, 'मैं भारत सरकार द्वारा तुरंत राहत सहायता देने के वादे का पूरी तरह से समर्थन करता हूं। नेपाल को हर संभव मदद की जरूरत है।' आपदा से प्रभावित भारतीय पर्यटकों को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, 'मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनमें से सौ लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए थे।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'लापता लोगों के लिए प्रार्थनाएं; उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा।'
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के कुछ हिस्सों में आई अचानक बाढ़ के कारण हजारों लोग लापता हो गए हैं, जिनमें करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। हिमालयी देश के तीन जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है।