पाकिस्तान में पनामा मामले में नवाज शरीफ दोषी पाए गए, उन्होंंने अपनी संपत्ति की झूठी घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। भारत में अगर किसी विधायक या सांसद के साथ ऐसा होता तो नाम मात्र का जुर्माना होता या अधिकतम 6 महीने की जेल होती।
भारत में RP एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो चुने हुए प्रतिनिधि को गलत हलफनामा पेश करने पर अयोग्य घोषित कर दे। आरोपी को सजा के रूप में 6 महीने की जेल हो सकती है, जबकि सेक्शन8(3) में ऐसी व्यवस्था है जो सांसदों और विधायकों को तत्काल अयोग्य करार देती है। इसमें 2 साल या अधिक की जेल होती है। इसके अलावा उन्हें जेल की अवधि के दौरान चुनाव लड़ने और रिहाई के छह साल बाद चुनाव लड़ने से रोक देते हैं।
RP एक्ट प्रतिनिधियों द्वारा दिये गए गलत हलफनामे के मामलों पर बहुत नरम है। भारत में गलत एफिडेबिट फाइल करना चुनावी अपराध नहीं माना जाता। एक अंग्रजी अखबार को दिए इंटरव्यू में EC अधिकारी ने बताया।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में फैसला सुनाया था कि नामांकन पत्रों में जानकारी छिपाने वाले राजनेताओं को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाना चाहिए, चुनाव आयोग को ऐसे नामांकन अस्वीकार करने या चुनाव से अलग करने की कोई शक्ति नहीं है।