साल 2018 शेयर बाजार निवेशकों के लिए बुरे सपने जैसा साबित हुआ। इस साल निवेशकों ने 7.25 लाख करोड़ रुपये गंवाए। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों ने इस साल 7,25,401.31 करोड़ रुपये गंवा दिए। विशेषज्ञों के मुताबिक नए साल में भी हालात बहुत ज्यादा बदलते नहीं दिख रहे हैं।
बीएसई के सेंसेक्स ने 2018 में 2011.5 अंकों यानी 5.90 फीसदी की बढ़त हासिल की। इस साल 29 अगस्त को यह 38,989.65 तक पहुंचा था और इसके बाद इसमें कुल 2921 अंकों यानी 7.5 फीसदी की गिरावट आई और यह 36,068 पर आकर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि साल का दूसरा भाग इक्विटी मार्केट घरेलू और वैश्विक हालात के मद्देनजर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। एमके वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड जोसेफ थॉमस कहते हैं कि साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में हलचल रही। ग्लोबल मार्केट से भी मिश्रित संकेत मिले। किसी तरह की नई ऊर्जा नहीं मिलने से आखिरी सत्र खास नहीं रहा।
जियोजीत के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, धीमी घरेलू अर्थव्यवस्था, प्रीमियम वैल्यूशन, अगले दो तिमाही में आमदनी में कम वृद्धि के चलते आने वाले समय में भी हालात ऐसे ही रहेंगे।
नायर का कहना है कि हालांकि 2019 के आगे बढ़ने के साथ उपर दिए गए तथ्यों के मद्देनजर 2019 में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनेगा।