पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का आज उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली में रखा गया है, जहां तमाम राजनीतिक दिग्गजों और शरद यादव के चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। आज उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से मध्यप्रदेश ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
इस बीच, शरद यादव का एक पुराना इंटरव्यू खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह 1991 में हुए लोकसभा चुनाव का जिक्र कर रहे हैं। शरद यादव ने इस इंटरव्यू में एक आईएएस अफसर का जिक्र किया और आरोप लगाया कि उनकी वजह से ही वह चुनाव हार गए। आइए जानते हैं कि शरद यादव ने क्या कहा और वह किस अफसर की बात कर रहे थे? पूरा वाकया क्या था?
1991 में क्या हुआ था?
समाजवादी आंदोलन के जरिए अपनी अलग छवि बना चुके शरद यादव ने 1989 में उत्तर प्रदेश के बदायूं लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। तब वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने शरद यादव को कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया। इसके बाद 1991 में फिर चुनाव हुए। शरद यादव बदायूं से फिर मैदान में थे। उनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने स्वामी चिन्मयानंद को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में शरद यादव हार गए थे। इस हार की कहानी उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताई थी।
शरद यादव ने इस हार के लिए बदायूं के तत्कालीन डीएम सूर्य प्रताप सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। शरद यादव ने इंटरव्यू में कहा था, '1991 चुनाव के दौरान मेरा कोई कार्यक्रम होने नहीं दिया गया। वो कलेक्टर जो वहां थे, वह राजपूत थे। उन्होंने कहा कि यहां दंगा हो जाएगा। बहुत मुश्किल में पड़ जाएंगे। तो वीपी सिंह जी मेरे प्रोग्राम में नहीं आए।’ शरद यादव ने कहा, ‘सूर्य नाम का एक कलेक्टर था। अभी यूपी का कुछ होगा। मैं हारता नहीं। उसने मुस्लिम मोहल्ले में लाठीचार्ज कर दिया। मैं हारा नहीं... हराया गया। उसने वोटिंग वाले दिन बड़े पैमाने पर मुस्लिम इलाके में लाठीचार्ज कर दिया।'
अफसर ने कुछ ऐसे दी श्रद्धांजलि
जिस आईएएस अफसर सूर्य प्रताप सिंह का जिक्र इंटरव्यू में हुआ था, उन्होंने भी शरद यादव को श्रद्धांजलि दी। सूर्य प्रताप ने 1991 के चुनाव का जिक्र करते हुए ट्विट किया, 'शरद यादव जी से जुड़ा निजी संस्मरण। 1991 चुनाव: मैं डीएम बदायूं था। राजीव गांधी की हत्या, TN शेषन और मंडल-मंदिर का दौर था। शरद यादव बदायूं से चुनाव हार गए तो मेरे बंगले पर मिलने आए थे। बोले- मैं चुनाव भले ही हार गया लेकिन आपने चुनाव बड़ी ईमानदारी से कराया। ये था बड़प्पन शरद जी का।'
सूर्य प्रताप अब शरद यादव के इंटरव्यू वाले वीडियो से ट्रोल हो रहे हैं। लोग उनसे पूछ रहे हैं कि जिस अफसर का जिक्र शरद यादव ने अपने इंटरव्यू में किया था, वो आप ही हो न? कुछ लोग बोल रहे कि आप झूठ क्यों बोल रहे हो?
कौन हैं सूर्य प्रताप सिंह?
बुलंदशहर में जन्में सूर्य प्रताप सिंह 1982 बैच के आईएएस अफसर रहे हैं। अब रिटायर हो चुके हैं। सूर्य प्रताप सिंह ने बॉटनी से एमएससी और एग्रो इकोनॉमिक्स से पीएचडी की है। वह कई जिलों के जिलाधिकारी के कमिशनर और प्रमुख सचिव तक के पदों पर रह चुके हैं। केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से सूर्य प्रताप सिंह लगातार चर्चा में रहे हैं। वह सरकार की नीतियों के खिलाफ काफी मुखर होकर बोलते हैं। सूर्य प्रताप सिंह ने सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। लोगों को गुमराह करने और झूठ फैलाने के आरोप में सूर्य प्रताप सिंह पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।