राकांपा के मंत्री दिलीप वाल्से-पाटिल, शरद पवार पर टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। एक दिन बाद सोमवार को उन्होंने दावा किया कि पुणे जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की गई उनकी टिप्पणी को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि शरद पवार भविष्य में भी उनके नेता रहेंगे और उनके लिए हमेशा उनके मन में सम्मान रहेगा।
अपने विधानसभा क्षेत्र अंबेगांव के मनचर में रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वाल्से- पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने शरद पवार को कभी भी अपने दम पर सत्ता नहीं दी और न ही उन्हें अकेले सरकार बनाने दिया। राज्य के सहकारिता मंत्री और शरद पवार के पूर्व करीबी सहयोगी ने कहा, 'मुझे लगता है कि मीडिया ने इसे गलत समझा है। मैंने पवार साहब के बारे में कभी बुरा नहीं बोला। मैं खेद व्यक्त कर रहा था कि अन्य क्षेत्रीय दलों ने अपने दम पर सत्ता हासिल की, लेकिन महाराष्ट्र के लोगों ने उन्हें यह (सत्ता) नहीं दिया। पवार साहब को नीचा दिखाने या उनकी क्षमता पर सवाल उठाने का कोई सवाल ही नहीं है।'
वाल्से- पाटिल ने कहा,'उनके सबसे बड़े नेता होने के बावजूद महाराष्ट्र के लोग पूरी ताकत से उनके साथ खड़े नहीं हुए। मैंने इस बारे में अपनी निराशा व्यक्त की। यह पहली बार नहीं है जब मैंने इसके बारे में बात की है। मैंने पहले भी पार्टी की बैठकों सहित कई जगहों पर यह बात कही है। यह असंभव है कि मैं गलत शब्द बोलूं या पवार साहब की आलोचना करूं। मैं इस गलतफहमी पर खेद व्यक्त करता हूं।'
पाटिल को शरद पवार के वफादार और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड की आलोचना का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उन्हें एक कृतघ्न व्यक्ति कहा। राकांपा विधायक और पवार के पोते रोहित पवार ने कहा कि पाटिल जैसे लोग शरद पवार के राजनीतिक करियर के दौरान उनके आसपास थे। अगर इन लोगों ने कड़ी मेहनत की होती तो पवार साहब अकेले दम पर सत्ता हासिल कर लेते।