भारतीय मराठी पत्रकार परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पत्रकारिता से जुड़े अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बाला साहेब ठाकरे के साथ मिलकर एक मासिक पत्रिका शुरू की थी, लेकिन वह प्रयोग असफल रहा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) एसपी के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को पत्रकारिता के जुड़े अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने और शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने मिलकर एक मासिक पत्रिका शुरू करने की कोशिश की थी, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं हो पाया। यह बात उन्होंने अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें पत्रकारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मेरा भी पत्रकारिता से कुछ नाता है- पवार
पत्रकारिता एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम
शरद पवार ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में पुरस्कार पाने वाले पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखें, यही उम्मीद करता हूं।
बता दें कि अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर भावे को ‘बालशास्त्री जांभेकर जीवनगौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जबकि भारत जाधव को ‘विशेष सम्मान’ मिला। इसके अलावा, महेश म्हात्रे, अभिजीत करांडे, अमेय तिरोडकर, पांडुरंग पाटिल, सर्वोत्तम गावस्कर, दिनेश केलुस्कर, सीमा मराठे, बालासाहेब पाटिल, शर्मिला कालगुटकर और भारत निगड़े को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।