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Sharad Pawar: महिला आरक्षण पर ये क्या बोल गए शरद पवार, संसद और उत्तर भारत के लोगों की मानसिकता पर उठाया सवाल

Sun, 18 Sep 2022 02:21 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पुणे।

सार

लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की व्यवस्था करने वाले महिला आरक्षण विधेयक पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे पर तब से बोल रहे हैं जब वह लोकसभा में कांग्रेस के सदस्य थे। 
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शरद पवार और उनकी बेटी एवं लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले। - फोटो : Twitter@PawarSpeaks
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विस्तार
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नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाआों को आरक्षण देने के मामले पर उत्तर भारत और संसद की “मानसिकता” पर सवाल उठाया है। शरद पवार ने शनिवार को कहा कि उत्तर भारत और संसद की “मानसिकता” अभी भी लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के अनुकूल नहीं है। पवार ने पुणे डॉक्टर संघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया। इस कार्यक्रम में पवार और उनकी बेटी एवं लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले का साक्षात्कार लिया गया।

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लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की व्यवस्था करने वाले महिला आरक्षण विधेयक पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे पर तब से बोल रहे हैं जब वह लोकसभा में कांग्रेस के सदस्य थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी दलों को इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि "संसद की 'मानसिकता', विशेष रूप से उत्तर भारत की, इस मुद्दे पर अनुकूल नहीं रही है। मुझे याद है कि जब मैं कांग्रेस में लोकसभा सांसद था, तब भी मैं संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर बात करता था। एक बार अपना भाषण पूरा करने के बाद, मैं पीछे मुड़ा और देखा कि मेरी पार्टी के अधिकांश सांसद उठकर चले गए। इसका मतलब है कि मेरी पार्टी के लोगों के लिए भी, यह पचने योग्य नहीं था।"
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उन्होंने कहा, "जब मैं महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री था, तब स्थानीय निकायों जैसे जिला परिषद और पंचायत समिति में महिलाओं के लिए आरक्षण की शुरुआत की गई थी। शुरू में इसका विरोध किया गया था लेकिन बाद में लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया था।"

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