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Sharad Pawar: 81 साल के शरद पवार फिर बने NCP के मुखिया, पीएम पद की उम्मीदवारी पर भी आया बड़ा अपडेट

Sat, 10 Sep 2022 11:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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शरद पवार(फाइल) - फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र के 81 साल के दिग्गज नेता शरद पवार फिर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया बन गए हैं। वे अगले चार साल तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। महाराष्ट्र NCP के मुख्य प्रवक्ता महेश भारत तापसे ने यह जानकारी दी। इस बीच राकांपा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार पीएम पद के लिए इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने अतीत में भी ऐसा नहीं सोचा। वे वर्तमान में भी इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं। राकांपा को राष्ट्रीय पहचान मिली है, हम आम चुनाव में भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से कोई मसला नहीं है, हम यूपीए के साथ काम कर चुके हैं।

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देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राकांपा ने शनिवार को भाजपा विरोधी दलों को एकसाथ आने को कहा। पार्टी ने कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राकांपा की विस्तारित कार्यसमिति को संबोधित करते हुए पवार ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसान विरोधी है और बेरोजगारी के मुद्दे से निपटने में भी विफल रही है। उन्होंने बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में दोषियों की रिहाई पर भी भाजपा की खिंचाई की।

पवार ने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि प्रधानमंत्री महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने की बात करते हैं और दो दिन बाद प्रधानमंत्री के गृह राज्य में भाजपा सरकार ने बिलकिस बानो और उनके परिवार के खिलाफ अत्याचार करने वालों की सजा कम कर दी।
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इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की विस्तारित कार्य समिति ने भी पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना। पवार ने कहा कि किसान अपनी धान की फसल की अच्छी कीमत पाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन सरकार ने चावल पर 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया और टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया।




पवार ने कहा कि देश गहरी पीड़ा में है और हमें इन मुद्दों को हर मंच पर जोरदार तरीके से उठाना होगा। बैठक के दौरान पेश किए गए एक मसौदा राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ने के लिए समान विचारधारा वाले दलों की एकता का आह्वान किया गया।

राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि राजनीतिक स्पेक्ट्रम के नेता राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर पवार की सलाह लेते हैं और अनुभवी नेता आने वाले समय में राजनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए राकांपा के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने पुरानी मानसिकता में बने रहने और बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य को पहचानने में विफल रहने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। कांग्रेस के पूर्व नेता चाको ने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक भी पंचायत चुनाव नहीं जीत सकती और केवल पवार ही सभी विपक्षी दलों को एक साथ ला सकते हैं।

भाजपा शासित गुजरात और हिमाचल प्रदेश में दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि राजस्थान और कर्नाटक सहित नौ अन्य राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पवार के साथ बातचीत की है और नेता भाजपा से मुकाबले के लिए विपक्षी एकता की वकालत कर रहे हैं। वे भी चाहते हैं कि सभी मिलकरर भाजपा का मुकाबला करें।

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