Sharad Pawar on Gas Price Hike: घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम 29 रुपये बढ़ने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। शरद पवार ने कहा कि महंगाई का राजनीतिक नुकसान सरकार को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। आइए, विस्तार से जानते हैं शरद पवार ने क्या कुछ कहा....
देश में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में फिर बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रसोई गैस सिलिंडर के दाम 29 रुपये बढ़ने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि लगातार बढ़ती महंगाई और गैस की कीमतों का राजनीतिक कीमत सरकार को चुकाना पड़ेगा। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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क्यों बढ़े एलपीजी सिलिंडर के दाम?
सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पहले मार्च महीने में भी सिलिंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से भारत पर भी असर पड़ा है। इसी वजह से तेल कंपनियां लगातार दबाव में हैं।
शरद पवार ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कोल्हापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार महंगाई नियंत्रण की बात करते हैं, लेकिन आम लोगों को हर कुछ दिनों में नए झटके दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। पवार ने आरोप लगाया कि महंगाई ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में सरकार को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कांग्रेस ने भाजपा को क्यों घेरा?
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी गैस कीमतों को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में यूपीए सरकार थी, तब भाजपा नेता गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते थे। लेकिन अब लगातार बढ़ती कीमतों पर भाजपा पूरी तरह चुप है। वडेट्टीवार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
रसोई गैस की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। घरेलू बजट बिगड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। पहले से महंगे राशन, बिजली और रोजमर्रा की चीजों के बीच अब गैस सिलिंडर भी महंगा हो गया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में नाकाम रही है। वहीं सरकार और तेल कंपनियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती लागत के कारण कीमतों में बदलाव जरूरी हो गया है।