एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी आज कठिन दौर से गुजर रही है, यह पार्टी आम लोगों की पार्टी है। लेकिन किसी को भी उन चुनौतियों के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, जिनका वह सामना कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एकजुट रहने और राज्य की छवि सुधारने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
एनसीपी को लेकर शरद पवार का छलका दर्द
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा प्रतिद्वंद्वी एनसीपी गुट की अयोग्यता पर अपना फैसला सुनाए जाने के कुछ घंटों पहले शरद पवार ने मुंबई में महिला सम्मेलन को संबोधित किया। समारोह के दौरान, शरद पवार ने कहा कि एनसीपी के गठन का फैसला 25 साल पहले इसी हॉल में किया गया था और राज्य भर में लाखों पार्टी कार्यकर्ता इस उद्देश्य का समर्थन करने के लिए आगे आए थे।
एक फिर से एकजुट होंगे, राज्य की छवि को सुधारेंगे
उन्होंने कहा कि एनसीपी आम लोगों की पार्टी है। लेकिन आप सभी को इस बात की चिन्ता नहीं होनी चाहिए , हम एकजुट रहेंगे। ऐसे निर्णय लेंगे। हम राज्य की छवि सुधारने की दिशा में काम करेंगे। एनसीपी के गठन के तीन महीने के भीतर राज्य के लोगों ने पार्टी को राज्य पर शासन करने की जिम्मेदारी सौंपी।
अजित पवार के अलग होते ही दो गुटों में बंटी थी एनसीपी
एनसीपी को पिछले साल जुलाई में विभाजन का सामना करना पड़ा, जब अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल हो गए। हाल ही में, भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने अजीत पवार गुट को असली एनसीपी के रूप में मान्यता दी और उसे पार्टी का प्रतीक 'घड़ी' आवंटित किया।