शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने शनिवार को दावा किया कि एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं और विपक्षी दल महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इस बारे में चर्चा करेगा। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय को लेकर कहा कि दोनों दलों को विलय संभव नहीं है।
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'शरद पवार को 60 वर्षों का अनुभव'
संजय राउत ने कहा, 'मैंने शरद पवार साहब से बात की। मैंने इस बारे में उनकी राय पूछी (क्या वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे)। उन्होंने मुझे बताया कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने मुझे बता दिया है।' संजय राउत ने आगे कहा कि शरद पवार देश के एक वरिष्ठ राजनेता हैं, जिन्हें लगभग 60 साल का कानूनी अनुभव है।
आगामी राज्यसभा चुनाव पर एमवीए करेगा मंथन
संजय राउत ने कहा कि पवार साहब ने कांग्रेस को अपनी स्थिति बता दी है कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। बता दें कि, शरद पवार गुट की एनसीपी एसपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सेना शिवसेना यूबीटी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन में शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'अब एमवीए के नेता एक साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे।' बता दें कि, शरद पवार समेत सात सदस्य अप्रैल में राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। एमवीए अपनी कम संख्या के कारण एक उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकता है। शरद पवार 1967 से महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों या संसद में लगातार मौजूद रहे हैं।
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'NCP के विलय होने की संभावना नहीं'
संजय राउत ने यह भी दावा किया कि दोनों एनसीपी दलों के विलय होने के संभावना बहुत कम हैं। इससे पहले, 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत के बाद, शरद पवार ने दावा किया था कि उनके दिवंगत भतीजे की इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों ग्रुप एक हो जाएं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शरद पवार के दावे को लगभग खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि अगर विलय की बातचीत सच में चल रही होती, तो अजित पवार ने उनके साथ जानकारी साझा की होतीं। एनसीपी नेताओं ने इशारा किया है कि ऐसे एक होने की उम्मीद बहुत कम है।
अजित पवार पर लेख को लेकर टकराव, विलय का मुद्दा खत्म
दिवंगत नेता अजित पवार पर लिखे गए एक लेख को लेकर एनसीपी और एनसीपी एसपी (शरद पवार गुट) के बीच विवाद तेज हो गया है। एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने लेख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसमें अजित पवार की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने मांग की कि इस पर माफी मांगी जाए। वहीं एनसीपी एसपी नेता शशिकांत शिंदे, जिन्होंने यह लेख लिखा था, ने कहा कि उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि सिर्फ यह लिखा कि अजित पवार पार्टी में हुई टूट को सुधारना चाहते थे। शिंदे ने यह भी कहा कि दोनों गुटों के विलय का मुद्दा अब बंद हो चुका है और उनकी पार्टी अब संगठन मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। दूसरी ओर एनसीपी नेताओं का कहना है कि फिलहाल मर्जर पर कोई चर्चा नहीं हो रही है और ऐसे मुद्दे उठाना राजनीतिक रूप से गलत समय पर है।