शरद पवार की इस टिप्पणी के बावजूद लोगों में इस बात की उत्सुकता है कि अपने चाचा द्वारा इस्तीफा वापस लेने के बाद अजित पवार का अगला कदम क्या होगा। केवल अजित पवार ही एकमात्र ऐसे थे जिन्होंने शरद पवार के इस्तीफा का समर्थन किया था
शरद पवार ने राकांपा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने के बाद अपने भतीजे अजित पवार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पार्टी के मेहनती सदस्य अजीत पवार को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। अपने गृहनगर बारामती में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनके भतीजे के बारे में भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है।
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शरद पवार की ये टिप्पणी अजित के राकांपा के कुछ विधायको के साथ भाजपा में शामिल होने की अफवाहों के बाद आई। पत्रकारों द्वारा इसपर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा बहुत चर्चा थी कि वह भाजपा में जाएंगे, लेकिन क्या ऐसा हुआ उनके बारे में फैलाई गई अफवाहों में बिलकुल भी सच्चाई नहीं है।
अजित पवार की तारीफ करते हुए राकांपा के सुप्रीमो ने कहा- "अजित स्वभाव से अलग है। वह एक ऐसा व्यक्ति है जो जमीनी स्तर पर काम करना पसंद करता है। वह मीडिया फ्रेंडली नहीं है। वह केवल पार्टी और राज्य के लिए काम कर रहा है और उसके बारे में ही गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं।"
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शरद पवार की इस टिप्पणी के बावजूद लोगों में इस बात की उत्सुकता है कि अपने चाचा द्वारा इस्तीफा वापस लेने के बाद अजित पवार का अगला कदम क्या होगा। केवल अजित पवार ही एकमात्र ऐसे थे जिन्होंने शरद पवार के इस्तीफे का समर्थन किया था और पार्टी के अन्य नेताओं को इसका सम्मान करने को कहा था।
82 वर्षीय नेता के अचानक ही पद छोड़ने पर विपक्षी एकजुटता के प्रयासों पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव मुश्किल से एक साल दूर है और विपक्ष को एकजुट करने की प्रक्रिया अब शुरू ही हुई है। उन्होंने बताया कि मेरे सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनादर करना मेरी तरफ से गलत होगा। पवार रविवार यानी की आज बारामती में राकांपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।