Maharashtra: राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार से हाल ही में हुई मुलाकातों के बाद फिर से एकजुट होने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से जनता से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना गलत नहीं है। पवार ने जल संकट पर चिंता जताते हुए पानी के समझदारी से उपयोग की सलाह दी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को अपने भतीजे और उप मुख्यमंत्री अजित पवार से हाल की मुलाकातों के बाद फिर से एक साथ होने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करने में कुछ भी गलत नहीं है। बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने राज्य में बढ़ते जल संकट पर चिंता जताई और आने वाले कुछ महीनों तक पानी का समझदारी से उपयोग करने की सलाह दी।
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पिछले पंद्रह दिनों में शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से तीन बार मुलाकात की है। सोमवार को पुणे में कृषि और चीनी उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर चर्चा के लिए दोनों एक साथ मंच पर नजर आए, जिसके बाद सियासी गलियारों में उनके फिर से एक होने की अटकलें तेज हो गईं। शरद पवार ने कहा कि सोमवार की बैठक चीनी उत्पादन में एआई के उपयोग पर चर्चा के लिए थी।
उन्होंने कहा, हम कई वर्षों से गन्ने के उत्पादन को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। अलग-अलग काम करने से बात नहीं बनेगी, क्योंकि सरकार की भूमिका भी उतनी ही जरूरी है। आम जनता से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से बात करने में कोई बुराई नहीं है।
शरद पवार ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के बीच सुलह की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह पारिवारिक मामला है और उनके पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बारामती स्थित 'विद्या प्रतिष्ठान' में एक बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार भी मौजूद थे।
युगेंद्र पवार को अपने जन्मदिन के मौके पर सुनेत्रा पवार के पैर छूते हुए आशीर्वाद लेते देखा गया। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मेरे चाचा (अजित पवार) और चाची के प्रति मेरा स्नेह और सम्मान कभी कम नहीं हुआ है। शरद पवार और अजित पवार के बीच रिश्ते जुलाई 2023 में तब बिगड़ गए, जब अजित पवार राकांपा में विभाजन कर महायुति सरकार में शामिल हो गए। राकांपा के कई विधायक अजित पवार के खेमे में चले गए, जिससे शरद पवार को अपने सियासी जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना करना पड़ा।