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महाराष्ट्र: शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र को लेकर राज्यपाल कोश्यारी पर किया हमला

Mon, 19 Oct 2020 03:22 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई आत्मसम्मान वाला व्यक्ति होता तो पद पर नहीं बना रहता।

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पवार ने उस्मानाबाद जिले में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि पत्र में कुछ शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। रांकपा के नेता पवार ने कहा, 'अगर कोई आत्मसम्मान वाला व्यक्ति होता तो पद पर नहीं बना रहता। हम मांग करने वाले कौन होते हैं।'

उन्होंने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री के एक बयान में पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा पर निराशा जताने के बाद, कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति पद पर बने रहने या नहीं बने रहने का खुद फैसला लेगा।' कोश्यारी ने हाल ही में ठाकरे को राज्य में धर्मस्थलों को फिर से खोलने के लिए पत्र लिखा था और पूछा था कि क्या शिवसेना अध्यक्ष अचानक से धर्मनिरपेक्ष हो गए। इसके बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था, 'कोश्यारी पत्र में बेहतर शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे।' भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से के राकांपा में शामिल होने की अटकलों के सवाल पर पवार ने कहा कि खड़से पहले विपक्ष के नेता थे और राज्य में भाजपा का विस्तार करने में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, 'वह हमारी अलोचना करेंगे और हम उसका संज्ञान लेंगे।' साथ ही पवार ने कहा कि महाराष्ट्र 'ऐतिहासिक आर्थिक संकट' का सामना कर रहा है और राज्य सरकार के पास राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए ऋण लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

पवार ने कहा, 'राज्य के पास ऋण लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। राज्य ऐतिहासिक आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। मैं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस पर चर्चा करूंगा।' पिछले सप्ताह, भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए हादसों में पुणे, औरंगाबाद और कोंकण संभाग में कम से कम 48 लोगों की मौत हो गई थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तक चार जिलों में 40,036 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जिसमें सोलापुर के 32,500 और पुणे के 6,000 से अधिक लोग थे।

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