आज शाह से दिल्ली में मिलेंगे फडणवीस
महाराष्ट्र में सरकार के गठन पर खींचतान के बीच भाजपा और शिवसेना ने कवायद तेज कर दी है। सोमवार का दिन सियासी हलचलों से भरा रहेगा, क्योंकि शिवसेना नेताओं के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने का कार्यक्रम है। वहीं देवेंद्र फडणवीस भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना इस गतिरोध को अब और लंबा खींचने के मूड में नहीं है। इसलिए वह चाहती है कि भाजपा आलाकमान चुप्पी तोड़े और अपनी बात साफ करे। इसलिए वह राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने को कहेगी। सूत्रों का कहना है कि एक-दो दिन में गतिरोध समाप्त हो सकता है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने एनसीपी नेता अजीत पवार को टेक्स्ट मैसेज करके राज्यपाल के पास दावा पुख्ता करने की तैयारी की है।
इससे पहले अपनी बात पर अड़ी शिवसेना ने कहा कि वह भाजपा से केवल मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर ही बात करेगी। संजय राउत ने कहा कि गतिरोध बना हुआ है और सरकार के गठन को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। राउत ने दावा किया कि शिवसेना के पास 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। आंकड़ा 175 भी हो सकता है। पार्टी के मुखपत्र में राउत ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करके दिखाए। अगर शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं होता तो भाजपा को 75 से अधिक सीटें नहीं मिलतीं।
फडनवीस और उद्धव वर्षा प्रभावित इलाकों के दौरे पर
सरकार के गठन में हो रही देरी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्षा से प्रभावित इलाकों का दौरा करने चले गए हैं। फडनवीस रविवार को अकोला और ठाकरे औरंगाबाद जिले में पहुंच और बेमौसम हुई बरसात के चलते किसानों को हुए नुकसान का जायजा लिया। औरंगाबाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आने वाले दिनों में पता चल जाएगा कि शिवसेना सत्ता में आती है या नहीं।
राउत ने अजीत पवार को किया मैसेज
शिवसेना और राकांपा के मिल कर सरकार बनाने की चर्चाओं के बीच राकांपा नेता अजीत पवार को शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने मैसेज भेजा है। हालांकि यह संदेश औपचारिक है और इसमें लिखा है नमस्कार मी संजय राउत, जय महाराष्ट्र। पवार ने कहा कि इसका आशय है कि मुझे उन्हें फोन करना चाहिए। मैं फोन करके देखता हूं। शिवसेना के 170 विधायकों के समर्थन के दावे पर उन्होंने कहा कि वह इस आंकड़े के बारे में नहीं जानते। ।