राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से दृढ़ निश्चय करना सीखना चाहिए। खासतौर से उस तरह से जिससे कि वह मतदाताओं तक पहुंचता है। गुरुवार को पिंपरी-चिंचवड़ में पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह लोगों के साथ संपर्क स्थापित करें। यह कुछ ऐसा है जिसे वह आरएसएस से सीख सकते हैं।
पवार ने कहा, 'एक भाजपा नेता ने बातचीत के दौरान मुझसे कहा कि दृढ़ निश्चय और अनुशासन ने हमारी मदद की। मुझे नहीं लगता कि वह जो कुछ कर रहे हैं हमें उसे अपनाने की जरूरत है लेकिन लोगों के साथ जुड़ने और बातचीत करने की उनकी स्किल महत्वपूर्ण है, हमें उसका अनुसरण करना चाहिए। आज या कल जब आप लोगों तक पहुंचना शुरू करें तो इसे अपने दिमाग में जरूर रखें।'
पवार मवाल लोकसभा सीट की समीक्षा कर रहे थे यहां उनके पोते और अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, 'चुनाव के दौरान आरएसएस ने भाजपा को सबसे बड़ा समर्थन दिया है। वह डोर-टू-डोर अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचे। भाजपा को 2014 और 2019 में आरएसएस के नेटवर्क का फायदा मिला है।'
लोकसभा चुनाव में मिली हार से सबक लेते हुए पवार ने कहा, 'यदि हम इसे अभी से करें और मतदाताओं से जुड़ें तो वह यह नहीं कहेंगे कि आप केवल चुनाव के दौरान आते हैं।'
पार्टी को लोकसभा चुनाव में करारी हार मिली है। उसके केवल चार उम्मीदवारों को जीत मिली। एनसीपी के मुखिया ने नेताओं से लोगों तक पहुंचने और विधानसभा चुनाव के लिए नए चेहरों के बारे में सुझाव देने के लिए कहा है। पवार ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं।