मोटोपॉज की शुरुआत करने के बाद शांतनु ने कॉर्नेल में एडमिशन लिया। यहां से शांतनु ने एमबीए किया। एमबीए के दौरान उद्यमिता, निवेश, नए स्टार्टअप के साथ-साथ क्रेडिबल स्टार्टअप्स की खोज, इंटरेस्टिंग बिजनेस आइडिया और मुख्य इंडस्ट्री ट्रेंड्स पर पूरा ध्यान लगाकर पढ़ाई की। कोर्स खत्म करने के बाद उन्हें रतन टाटा के साथ काम करने का मौका मिला। शांतनु का कहना है कि ऐसा मौका जिंदगी में पहली बार मिलता है और रतन टाटा के साथ रहकर हर मिनट कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है।
स्टार्टअप्स में रतन टाटा की रुचि ज्यादा
81 साल के रतन टाटा देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में खासा रुचि रखते हैं। जून 2016 में रतन टाटा की प्राइवेट निवेश कंपनी आरएनटी असोसिएट्स और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने स्टार्टअप को मदद करने के लिए हाथ मिलाया था। इसके अलावा उद्यमियों को रतन टाटा के साथ काम करने का मौका भी मिलता है। यही वजह है कि जिन स्टार्टअप्स को रतन टाटा का सपोर्ट मिलता है उनकी वैल्यू तुरंत बढ़ जाती है।