स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पत्रिका ने स्वयं स्वीकार किया है कि यह अनुमान अस्पष्ट और यहां तक अविश्वसनीय स्थानीय सरकार के आंकड़ों, कंपनी रिकार्ड के आकलन पर आधारित है और इस तरह का विश्लेषण मृत्युलेख जैसा है।
आंकड़ों का प्रबंधन पारदर्शी
मंत्रालय ने कहा कि सरकार कोविड आंकड़ों के प्रबंधन के मामले में पारदर्शी है। मौतों की संख्या में विसंगति से बचने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुंसधान परिषद (आईसीएमआर) ने मई, 2020 में दिशानिर्देश जारी किए थे। राज्य इसी के मुताबिक आंकड़े दर्ज करते हैं।