सिविल सेवा परीक्षा के लिए चेन्नई के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान शंकर आईएएस अकादमी के संस्थापक प्रोफेसर शंकर देवराजन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को वो चेन्नई स्थित अपने निवास पर मृत पाए गए। पुलिस ने उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा कि देवराजन ने निजी कारणों से आत्महत्या की है। पुलिस का कहना है कि प्रोफेसर शंकर देवराजन का किसी बात को लेकर अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दौरान उनके पड़ोसी उन्हें निजी अस्पताल भी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि शंकर देवराजन अपने कोचिंग संस्थान शंकर आईएएस अकादमी के लिए तमिलनाडु सहित पूरे देश में प्रसिद्ध थे। उन्होंने साल 2004 में चेन्नई में शंकर आईएएस अकादमी की शुरुआत की थी और तब से लेकर अब तक वो 900 से ज्यादा युवाओं को आईएएस अधिकारी बनाकर उनका सपना पूरा कर चुके हैं।
वहीं, शंकर देवराजन के इस तरह से दुनिया से चले जाने पर छात्रों में शोक का माहौल है। वो अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।