भाजपा विधायक शंकर चौधरी नवगठित गुजरात विधानसभा के मंगलवार को निर्विरोध स्पीकर चुन लिए गए। इसके साथ ही वरिष्ठ भाजपा विधायक जेठा भाई भारवाड़ निर्विरोध डिप्टी स्पीकर चुने गए। राज्य में हाल ही में हुए चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती है।
गुजरात की 15 वीं विधानसभा का पहला सत्र गांधीनगर में शुरू हुआ। विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चौधरी और भारवाड़ के नामांकन का समर्थन किया। इसके बाद दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। चौधरी के नाम का प्रस्ताव गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया, जबकि भारवाड़ का राज्य के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने किया।
हाल ही में संपन्न गुजरात विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 182 विधानसभा सीटों में से 156 सीटें जीत कर एक बार फिर से राज्य में अपनी सरकार बनाई है। इन चुनावों में कांग्रेस को 17 सीटें जबकि आम आदमी पार्टी को पांच सीटें मिलीं। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने भी एक सीट पर कब्जा जमाया है। वहीं, 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
कौन हैं शंकर चौधरी
नवनिर्वाचित स्पीकर शंकर चौधरी बनासकांठा जिले की थराद सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 2014 और 2017 के बीच आनंदीबेन पटेल और विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री भी रहे थे। गौरतलब है कि शंकर चौधरी ने 2017 में वाव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
जेठाभाई भारवाड़
वहीं, जेठा भाई भारवाड़ पंचमहल जिले की शेहरा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रहे हैं। भारवाड़ ने 14वीं विधानसभा में 2021 से 2022 के बीच एक वर्ष के लिए विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। गौरतलब है कि भरवाड़ जहां पंचमहल डेयरी के अध्यक्ष हैं, वहीं चौधरी बनास डेयरी के प्रमुख हैं। भूपेंद्र पटेल 12 दिसंबर को दूसरी बार गुजरात के सीएम बने हैं। उनके साथ 16 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई।
गुजरात विधानसभा ने पारित किया विधेयक
गुजरात में अनाधिकृत विकास को नियमित करने संबंधी विधेयक 2022 को मंगलवार को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस विधेयक को शहरी विकास मंत्री ऋषिकेश पटेल ने पेश किया था। गुजरात में विपक्षी कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भी इस विधेयक के लिए अपनी सहमति दी थी। जिसके बाद शहरों और कस्बों में अनाधिकृत निर्माणों के नियमितीकरण के लिए अक्टूबर में पिछली भाजपा सरकार द्वारा जारी किए गए अध्यादेश कानून बन गया है। ऋषिकेश पटेल ने बताया कि बिल के प्रावधान 1 अक्टूबर, 2022 से पहले किए गए किसी भी अनाधिकृत निर्माण पर लागू होते हैं। ऐसी संपत्तियों के मालिकों को ई-नगर पोर्टल के माध्यम से नियमितीकरण के लिए आवेदन करना होगा।