पुणे में कथित गौरक्षकों ने एक ट्रक हेल्पर के साथ मारपीट की और उसे जबरन गोबर खाने पर मजबूर किया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और दुश्मनी फैलाने का केस दर्ज किया है।
महाराष्ट्र के पुणे से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां खुद को गौरक्षक बताने वाले कुछ लोगों ने एक मुस्लिम ट्रक हेल्पर के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाय का गोबर खाने पर मजबूर किया। यह घटना छह मार्च की सुबह मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर अंबेगांव के पास हुई। उस समय ट्रक में भैंसों को ले जाया जा रहा था।
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तीन आरोपियों पर दर्ज हुआ केश
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनके नाम आकाश मणिकम, हेमंत गायकवाड़ और विराज सोले हैं। इन लोगों ने हाईवे पर ट्रक को रोका और आरोप लगाया कि भैंसों को फर्जी कागजों के आधार पर ले जाया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने ड्राइवर और हेल्पर के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में तीनों आरोपी हेल्पर को गोबर खाने के लिए मजबूर करते दिख रहे हैं। वे उसके और उसके धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें भी कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में काफी गुस्सा है। शुरुआत में पुलिस ने सिर्फ मारपीट का मामूली मामला दर्ज किया था। लेकिन वीडियो सामने आने और हेल्पर के नए बयान के बाद पुलिस ने सख्त धाराएं लगाईं।
अंबेगांव पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि हेल्पर पहले बहुत डरा हुआ था, इसलिए उसने पूरी बात नहीं बताई थी। अब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और 299 के तहत एफआईआर (एफआईआर) दर्ज की है। ये धाराएं अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए लगाई जाती हैं।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक आकाश मणिकम और हेमंत गायकवाड़ को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी विराज सोले की तलाश अभी जारी है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।