प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
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ये कोई मंत्री नहीं हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा देश घूम चुके हैं। हम बात कर रहे हैं शक्तिमान घोष की। वह नेशनल हॉकर्स (रेहड़ी-पटरी) फेडरेशन के नेता हैं। कोलकाता में रहते हैं लेकिन विश्व स्तर के कई कार्यक्रमों में बड़े-बड़े नेताओं के सामने अपनी बात रख चुके हैं। इसमें युनाइटेड नेशन (यूएन) का एक कार्यक्रम भी शामिल है। शक्तिमान छात्र नेता थे। उस वक्त से ही वह रेहड़ी-पटरी वाले के समर्थन में आवाज उठाते रहे।
यह आवाज उन पुलिसवालों के खिलाफ थी जो उन रेहड़ी पटरी वालों को सताते थे। 1981 में वह कोलकाता के सियालदह फ्लाईओवर के नीचे खड़े होने वाले रेहड़ी पटरी वालों के समर्थन में खड़े हुए थे। 90 के दौर में उन्होंने 'ऑपरेशन सनशाइन' चलाया। यह कोलकाता पुलिस के ही खिलाफ था।
कई देशों में रेहड़ी-पटरी लगाना गैरकानूनी है, बावजूद इसके शक्तिमान उनके समर्थन में अपनी आवाज वक्त-वक्त पर उठाते रहे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस वक्त वह 1,192 हॉकर्स यूनियन्स की अगुवाई कर रहे हैं।
जब मोदी-ओबामा ने भी शक्तिमान को सुना
शक्तिमान घोष
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शक्तिमान ने ही 'इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ हॉकर्स एंड अर्बन पुअर' नाम की यूनियन बनाई। यह ब्राजील, जापान, लाओस, इंडोनेशिया, हांगकांग, सिंगापुर, जंबिया, कीनिया, थाईलैंड और श्रीलंका में सक्रिय है। भारत के 28 राज्य, चार केंद्र शासित प्रदेश और बाकी देशों में फैले अपने संगठन को शक्तिमान कोलकाता में बने अपने दफ्तर से ही चला रहे हैं।
शक्तिमान ने यूएन समिट में क्लाइमेट चेंज पर भाषण दिया था। इसको भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी सुना था।
भारत के हॉकर्स के बारे में शक्तिमान कहते हैं कि वे काफी नियमों को तोड़ते हैं। शक्तिमान यूरोप और थाईलैंड का उदाहरण देते हैं। कहते हैं कि वहां पर हॉकर्स सही ढंग से काम कर रहे हैं, वे फुटपाथ या फिर सड़क को नहीं घेरते। शक्तिमान कहते हैं कि भारत के रेहड़ी पटरी वालों को उनसे सीखना चाहिए।