कौन हैं शक्तिकांत दास?
शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1957 को ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। उनकी पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से लेकर यूके की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी तक में हो चुकी है। बाद में दास ने सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईएएस बने। नौकरशाही में अपने 40 साल से भी लंबे करियर में शक्तिकांत दास ने तमिलनाडु सरकार से लेकर केंद्रीय सरकार में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के आईएएस अफसर शक्तिकांत दास, दिसंबर 2018 में केंद्रीय बैंक के गवर्नर बने थे। वह पिछले साल दिसंबर में रिटायर हुए। वित्त मंत्रालय में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान, वह आठ केंद्रीय बजटों की तैयारी से सीधे तौर पर जुड़े रहे। कोरोनाकाल में देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भी दास ने आरबीआई का नेतृत्व करते हुए मौद्रिक नीति को लेकर कई कड़े फैसले लिए, जिनके चलते भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में रही।
आरबीआई गवर्नर के तौर पर अपनी इन्हीं उपलब्धियों के चलते अमेरिकी मैगजीन ग्लोबल फाइनेंस ने शक्तिकांत दास को तीन बार दुनिया का सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय बैंकर चुना गया। इनमें से दो बार उन्हें यह सम्मान लगातार मिला। 2024 के ग्लोबल फाइनेंस सेंट्रल बैंकर रिपोर्ट कार्ड्स में उन्हें A+ रेटिंग दी गई।
प्रधान सचिव आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रशासनिक प्रमुख की जिम्मेदारी निभाता है। हालांकि, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ पीएमओ के कामों के प्रबंधन तक ही सीमित नहीं है। प्रधान सचिव घरेलू मामलों से लेकर विदेश नीति के मसलों पर प्रधानमंत्री को सलाह देने का काम करते हैं। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री के निर्देश पर अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के कामों की भी निगरानी करते हैं।
प्रधान सचिव पीएमओ में आने वाले दस्तावेजी कार्यक्रमों से लेकर अधिकारियों के कामों का भी रिकॉर्ड रखते हैं। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री को भेजे जाने वाली अलग-अलग मंत्रालयों की फाइल्स और निर्देशों को सीधा पीएम तक पहुंचाने का काम भी करते हैं।