शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा
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संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और हंगामा, राज्यसभा में यही चलता रहा। चार बाद सदन की बैठक स्थगित हुई, लेकिन सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। बीके हरिप्रसाद समेत तमाम सांसद वेल के नजदीक आकर छात्रों को गोली मत मारो....छात्रों को गोली मत मारो का नारा लगाया। शाहीन बाग का मुद्दा उठा।
लोकसभा में भी अनुराग ठाकुर की जनसभा में लगवाए गए नारे को लेकर संसद सदस्यों ने अपना विरोध जताया। इस दौरान सदन की बैठक से बाहर निकले विजय गोयल ने कहा कि देखते रहिए। दिल्ली की जनता मन बना चुकी है। दिल्ली में राष्ट्रवाद जीतेगा और शाहीन बाग हरेगा।
लोकसभा में प्रवेश वर्मा अपनी बात रखने खड़े हुए, तो उन्होंने शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सीधा हमला बोला। प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शन सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में नहीं हो रहा है। बल्कि वहां लोग प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को मारने की बात कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि हमें जिन्ना वाली आजादी चाहिए।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि वह असम को अलग करने की बात कर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मैं ऐसे लोगों को बता देना चाहता हूं कि यह राजीव फिरोज खान की सरकार नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है।
इस दौरान गृह राज्यमंत्री ने जामिया और शाहीन बाग में गोली चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और इस तरह के घटना की निंदा की। लोकसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह जामिया के लोगों के साथ हैं।