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शहाबुद्दीन की रिहाई को लोगों ने बताया जंगलराज की वापसी

Sat, 10 Sep 2016 01:05 PM IST
बीबीसी
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शहाबुद्दीन - फोटो : BBC
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राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन शनिवार सुबह भागलपुर जेल से जमानत पर रिहा हो गए। 11 साल बाद जमानत पर जेल से बाहर आए शहाबुद्दीन ने पत्रकारों से कहा कि लालू प्रसाद यादव ही उनके नेता हैं।
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स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक शहाबुद्दीन एक बडे काफिले के साथ भागलपुर से सिवान रवाना हुए। उनकी रिहाई के बाद से ही इस मामले पर सोशल मीडिया में चर्चा है।

अधिकतर लोग अपनी टिप्पणियों में शहाबुद्दीन की रिहाई को 'बिहार में जंगलराज की वापसी' बता रहे हैं। अंशुल सक्सेना ने ट्वीट किया, "शहाबुद्दीन पर चालीस मामले हैं लेकिन फिर भी हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
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जंगल राज तो अभी आना बाकी है। सिस्टम की आत्मा को शांति मिले। लालू-नीतीश सरकार को शर्म आनी चाहिए।" सुनीता सिंह ने ट्वीट किया, "शहाबुद्दीन जेल से बाहर आए, ऐसा लग रहा है जैसे वो आलीशान जिंदगी जीकर किसी रिजॉर्ट से बाहर आए हों।" कर्ण ने ट्वीट किया, "उमर कैद की सजा काट रहा शहाबुद्दीन बाहर आ रहा है। नीतीश कुमार जी आप मजबूत नहीं, मजबूर सरकार बनाने में कामयाब हुए हैं।"
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"शहाबुद्दीन जमानत पर जेल से बाहर

नीतीश कुमार - फोटो : BBC
आकाश गौतम ने ट्वीट किया, "नीतीश के राज में शहाबुद्दीन जैसे अपराधी को जेल से रिहाई मिल पा रही है क्योंकि अभियोजन पक्ष ने मजबूती से जमानत का विरोध नहीं किया।" अभिषेक लिखते हैं, "शहाबुद्दीन जमानत पर जेल से बाहर। मुबारक हो बिहार। तुम जंगलराज के ही लायक हो।"

वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि शहाबुद्दीन का जमानत पर बाहर आना न्यायिक प्रक्रिया है। वहाज अहमद ने फेसबुक पर लिखा, "जो मीडियावाले शहाबुद्दीन की रिहाई पर सवाल उठा रहे हैं क्या उन्होंने वंजारा की रिहाई पर भी ऐसे ही सवाल उठाए थे? वंजारा को जमानत मिले तो देशभक्ति और अगर शहाबुद्दीन को मिल जाये तो कयामत।"

बिहार से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के फेसबुक अकाउंट पर लिखा गया, ""11 वर्षों के बाद शहाबुद्दीन आज जेल से छूटे हैं। बहुत हायतौबा की जरुरत नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए कि 'सीवान के भय' के माहौल को वे स्वयं समाप्त करेंगे। बीजेपी को हो-हल्ला का कैसा अधिकार-वह तो खुद सूरजभान सिंह, सुनील पांडेय, रमा सिंह, बबलू सिंह,ब्रजभूषण शरण सिंह जैसों का बचाव करती है।"
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