जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार से समर्थन वापस लेने से कुछ घंटों पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि शाह से डोभाल ने कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की है। उनकी इस मुलाकात पर हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए हैं।
ओवैसी ने कहा, 'हम जानना चाहते हैं, देश जानना चाहता है कि एनएसए और राजनीतिक पार्टी के मुखिया के बीच क्या बातें हुईं? आखिर क्यों एनएसए ने सत्ताधारी पार्टी के साथ मुलाकात की। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से मुलाकात क्यों नहीं की?'
डोभाल से मुलाकात करने के कुछ घंटे बाद ही भाजपा ने कश्मीर की महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। भाजपा का कहना है कि उसने देशहित में यह फैसला लिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों को भी इस बैठक में शामिल किया गया था।
गठबंधन तोड़ने से पहले एनएसए प्रमुख से भी बातचीत की गई थी। डोभाल और शाह के बीच हुई इस मुलाकात के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए प्लान भी बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में डोभाल ने कहा कि घाटी में आतंकियों का सफाया करने के लिए रोडमैप तैयार किया जा चुका है।
डोभाल की मानें तो रमजान के एक महीने के दौरान लागू रहे संघर्ष विराम के बाद अब सेना एक बार फिर से नई ऊर्जा के साथ सीमा पर तैनात है। घाटी में शांति बनाए रखने के लिए सरकार और सेना मिलकर कई पहलुओं पर काम कर रही है।