केरल में दो महिलाओं के अपहरण के बाद उनकी कथित 'बलि' के मामले का मुख्य आरोपी मोहम्मद शफी इंसान के रूप में शैतान है। उसकी हैवानियत व घृणित कारनामों का पुलिस ने काला चिट्ठा खोला तो उसे सुन-पढ़कर किसी का भी दिल दहल सकता है। मात्र छठी कक्षा तक पढ़े शफी ने 2020 में 75 साल की एक वृद्धा से दुष्कर्म कर उसके निजी अंग को चाकू से काट दिया था।
केरल पुलिस के अनुसार 52 साल के मोहम्मद शफी उर्फ राशिद का आपराधिक इतिहास है। वह एलंथूर के दोहरे नरबलि या हत्या के मामले का मुख्य आरोपी है। एर्नाकुलम जिले के पेरुंबवूर का रहने वाले शफी ने नबीसा से निकाह किया। वह दो लड़कियों का बाप और तीन साल की बच्ची का दादा है। वह फिलहाल कोच्चि में एक होटल चलाता था। यहीं आने वाली लाचार महिलाओं को वह शिकार के लिए चुनता था।
बलि के पहले निजी अंगों को किया जख्मी
शफी ने पहले दो महिलाओं से दोस्ती गांठकर उनका अपहरण किया और फिर सह आरोपी दंपती को धनवान व यौवन कायम रखने के लिए उनकी बलि देने व उनका मांस खाने के लिए तैयार किया था। तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों अभी पुलिस रिमांड पर हैं। कोच्चि के पुलिस आयुक्त एच नागराजू ने मंगलवार को मीडिया को बलि के तौर पर सामने आए इस दोहरे हत्याकांड व शफी के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार शफी के खिलाफ 2020 में 75 साल की महिला से दुष्कर्म का केस लंबित है। कोच्चि के पुथेनक्रूज पुलिस थाने में उसके खिलाफ 3 अगस्त, 2020 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। तब वह एक ट्रक चालक था। उसने महिला के साथ बेरहमी से दुष्कर्म किया और चाकू से उसके निजी अंगों को गोद दिया था।
बलि की शिकार महिलाओं के भी निजी अंग काटे
पुलिस के अनुसार शैतान शफी ने बलि की शिकार बनाई गई दो महिलाओं के निजी अंगों पर भी उसी तरह से चाकू से वार किए थे। शफी पहले दोस्ती करता था और फिर अपने शातिराना कृत्यों को अंजाम देता था। उसने तीन साल पहले इस दोहरे हत्याकांड के सह-आरोपी दंपती से दोस्ती गांठी थी और उन्हें यौवन सुख, धनवान बनाने का झांसा देकर बलि के लिए तैयार कर लिया था।
यौन विकृति का शिकार है दरिंदा शफी
जांच में पता चला है कि शफी मनोरोगी और यौन विकृति का शिकार है। दुष्कर्म व ऐसे घृणित अपराधों से उसे यौन सुख मिलता है। इसके लिए वह किसी भी हद तक चला जाता है।
फर्जी फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल
मात्र छठी कक्षा तक पढ़ा शफी बेहद शातिर है। उसने फर्जी फेसबुक अकाउंट बना रखा है। इसके जरिए वह आर्थिक समस्याएं दूर करने, धन संपत्ति व यौवन कायम रखने के उपाय बताने के लिए उससे संपर्क करने का झांसा देता था। उसने बलि में शामिल आरोपी भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला से भी दोस्ती की थी। तीन साल तक उसने उनसे दोस्ती रखी और फिर बलि व हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए तैयार कर लिया। पुलिस आयुक्त नागराजू ने बताया कि उसे पीड़ितों के जख्मों से रिसता खून देखकर मजा आता था।
सह-आरोपी भगवल सिंह के सामने उसकी पत्नी से दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार सबूत नहीं हैं, लेकिन यह भी खबर है शफी ने दोनों मृत महिलाओं का मांस पकाकर खाने के लिए भी उक्त दंपती को तैयार किया। भगवल सिंह की पत्नी लैला ने अपने बयान में यह बात कही है। यह भी कहा जा रहा है कि शफी ने आरोपी भगवल सिंह के सामने उसकी पत्नी लैला से दुष्कर्म किया था। इसे उसने बलि की प्रक्रिया का हिस्सा बताया था। ताजा रिपोर्ट के अनुसार शफी ने लैला की सहमति से भगवल सिंह की भी हत्या की योजना बनाई थी, क्योंकि उसे शक हो गया था कि सिंह उसकी दरिंदगी का खुलासा कर सकता है।