रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री सरमा को धमकी देने के लिए राज्य के करीब बारह पत्रकारों को फोन किया गया। फोन करने वाले ने खुद को सिख फॉर जस्टिस का सदस्य बताया और कहा कि यह संदेश उन्हें पन्नू की ओर से दिया जा रहा है।
खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ हालिया कार्रवाई ने अलगाववादी संगठनों की नींद हराम कर दी है। पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद जहां खालिस्तान समर्थक अमृतपाल फरार है। वहीं, उसके कई साथियों असम की जेल में रखा गया है। इस कार्रवाई से नाराज खालिस्तान समर्थकों ने असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को धमकी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा के लिए गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन की ओर से धमकी भरा संदेश भेजा गया है।
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पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस के गुर्गों ने सरमा को खालिस्तान और अमृतपाल मामले से दूर रहने की चेतावनी दी है। इसमें यह भी कहा गया है कि खालिस्तान समर्थकों की लड़ाई भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। इसलिए, असम के मुख्यमंत्री इस मामले में न पडकर हिंसा का शिकार होने से बचें।
असम पुलिस महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हमें आज एक ओडियो क्लिप मिली जिसमें व्यक्ति खुदको गुरपतवंत सिंह पन्नून बता रहा था और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को धमकी दे रहा था। उसने आरोप लगाया कि असम में सिख समुदाय को प्रताड़ित किया जाता है और उनके साथ गलत बरताव किया जाता है। हमने केस दर्ज किया है। प्राथमिक अनुमान से ओडियो क्लिप गुरपतवंत सिंह पन्नून का लग रहा है। इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद होगी। CM की सुरक्षा व्यवस्था और पुख़्ता की गई है। आगे की जांच जारी है। यहां पर खालिस्तानी मामले से जुड़े कोई मामले नहीं आए हैं। हमने रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा बनाकर रखी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री सरमा को धमकी देने के लिए राज्य के करीब बारह पत्रकारों को फोन किया गया। फोन करने वाले ने खुद को सिख फॉर जस्टिस का सदस्य बताया और कहा कि यह संदेश उन्हें पन्नू की ओर से दिया जा रहा है। धमकी में कहा गया, असम में कैद खालिस्तान समर्थकों को प्रताड़ित किया गया है। मुख्यमंत्री सरमा इस बात को ध्यान से सुनें। खालिस्तान समर्थकों की लड़ाई भारत सरकार और मोदी से है। ऐसा न हो कि सरमा इस हिंसा का शिकार जाएं।
एसएफजे के गुर्गों ने यह भी कहा कि अगर असम सरकार पंजाब से असम ले गए अमृतपाल के समर्थकों को प्रताड़ित करने की सोच रही है तो इसकी जवाबदेही हिमंत बिस्व सरमा की होगी। एसएफजे जनमत संग्रह के जरिए पंजाब को भारत से अलग करने की मांग करता है।
खालिस्तान के नाम पर दुनियाभर में कई संगठन बने हैं। सिख फॉर जस्टिस उनमें से एक है। इस संगठन की शुरुआत 2007 में अमेरिका से हुई थी। इसका सारा संचालन गुरपतवंत सिंह पन्नू ही देखता है। इसका उद्देश्य पंजाब को देश से अलग कर खालिस्तान बनाना है। इस संगठन पर आरोप लगते रहे हैं कि इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई फंडिंग करता है।