एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं के यौन उत्पीड़न व छेड़छाड़ के दोषी पूर्व कस्टम अधिकारी के खिलाफ केंद्र सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने पूर्व सीमा शुल्क अधीक्षक डीके हुडा को अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया।
सरकारी नोटिस में कहा गया कि उनके सेवा में रहने से सार्वजनिक सेवा को खतरा और जनहित के लिए हानि हो सकती है। हुडा को एयरपोर्ट के प्रीवेंटिव रूम में उज्बेक महिलाओं का उत्पीड़न करने का दोषी पाया गया था। वारदात मई, 2019 की है। आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच के बाद हुडा को 21 दिसंबर को यह नोटिस दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल 2 व 3 मई की रात दो महिलाएं ताशकंद से आई थीं। उन्हें गर्भनिरोध रखने के संदेह में हिरासत में लिया गया था। दोनों को हुडा के साथ रूम में रखा गया, जहां उन्होंने कथित तौर पर उन महिलाओं से छेड़खानी की और यौन उत्पीड़न किया।
बाद में एक महिला ने आईसीसी के समक्ष बयान दर्ज कराया और डीके हुडा की पहचान की। मामले में हुडा के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया था और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी है।