देश के दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वैज्ञानिक सिद्धांतों पर कार्य करना शुरू कर दिया है। जिस तरह कभी आर्टिफिशियल इंसेमिनेशन तकनीक ने डेयरी पशु प्रजनन का परिदृश्य ही बदल दिया था, उसी तरह अब सरकार ने सेक्स्ड सीमन तकनीक को विकसित करने का फैसला लिया है, जिसे अभी तक दूसरे देशों से मंगाकर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस तकनीक से 2011 में पैदा हुआ पहला बछड़ा
भारत में सेक्स्ड सीमन का उत्पादन सबसे पहले पश्चिम बंगाल गौ संपदा विकास संस्थान ने 2009 में शुरू किया था। संस्था ने आरकेवीवाई प्रोजेक्ट के तहत 2.9 करोड़ की लागत से हरिन्गथा में बीडी इन्फ्लक्स हाई स्पीड सेल सॉर्टर स्थापित किया। यहां उत्पादित सेक्स्ड सीमन से पहला बछड़ा 1 जनवरी 2011 को पैदा हुआ था, जिसका नाम श्रेयश था।