कर्नाटक विधानसभा में भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री रमेश जरकीहोली से जुड़े कथित ‘सेक्स स्कैंडल’ की जांच की मांग को लेकर मंगलवार को एक बार फिर हंगामा हुआ। कांग्रेस सदस्यों ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने विधानसभाध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर विरोध प्रदर्शन किया।
हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई क्योंकि कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए कामकाज नहीं होने दिया। वहीं सरकार विपक्ष की मांग नहीं मानने पर कायम रही। स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने सदन के नेताओं की एक बैठक बुलाई ताकि सदन में कामकाज के लिए स्थिति सामान्य बनाई जा सके, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ।
कांग्रेस के रुख में तब थोड़ा बदलाव आया जब विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि मामले की जांच करने वाली विशेष जांच टीम की निगरानी कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए।
येदियुरप्पा बोले-बयान देने के लिए महिला आगे नहीं आ रही
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सदन का समय बर्बाद कर रही है क्योंकि उसके पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान, हमारे कांग्रेस के मित्र बेतुके बहाने देकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रमेश जरकीहोली ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे दिया है और जांच जारी है। महिला (वीडियो में दिखी) अपना बयान देने के लिए आगे नहीं आ रही है। हम उसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं और क्या करना है? कांग्रेस विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही हैं, मैं समझ नहीं पा रहा हूं।
जरकीहोली ने वीडियो को फर्जी बताया
गोकक से भाजपा विधायक जरकीहोली ने गत तीन मार्च को मंत्री पद से तब इस्तीफा दे दिया था जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर 'रोजगार की इच्छुक’ महिला के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर अंतरंग पलों को दिखाने वाली एक वीडियो क्लिप सामने आई थी। उन्होंने कई बार खुद के निर्दोष होने का दावा किया है और वीडियो को "फर्जी" बताया है।