लिंगानुपात की विषमता से जूझ रहे उत्तरप्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल, राजस्थान और पंजाब में इस दिशा में काफी सुधार हुआ है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को राज्यसभा में लिंगानुपात में सुधार होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के कारण लिंगानुपात में सुधार दिखने लगा है। पूरे देश के औसत में भी सुधार हुआ है। 2015-16 में 1,000 पुरुषों पर 918 महिलाएं थीं, जो 2019-20 में बढ़कर 934 हो गई हैं।
हरियाणा में यह औसत प्रति हजार पुरुषों पर 924 महिलाएं हो गई हैं, जो पहले 876 थी। चंडीगढ़ में यह संख्या 874 के मुकाबले 935 है। उत्तर प्रदेश में प्रति हजार पुरुष पर 928 महिलाएं हैं। पहले यह आंकड़ा 885 था।
पंजाब में भी पूर्व की 892 की स्थिति में सुधार हुआ है और अब यह आंकड़ा 920 हो गई है। वहीं हिमाचल में 897 के मुकाबले 933 बालिकाएं हैं। राजस्थान में इसमें मामूली सुधार हुआ है और यह संख्या 929 से बढ़कर 948 हो गई है।
बिहार, ओडिशा, केरल में बढ़ी विषमता
बिहार, केरल, ओडिशा, नगालैंड, दादर नगर हवेली, लक्षद्वीप में लिंगानुपात में काफी गिरावट दर्ज की गई है। झारखंड, मिजोरम में भी तमाम प्रयासों के बाद भी कोई सुधार नहीं आया है।