उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में किस तरह भर्तियों में धांधली की गई, चार साल पहले एक चैनल की ओर से कराए गए
स्टिंग ऑपरेशन में इसका खुलासा हुआ था। हालांकि इस दौरान जिन कर्मचारियों ने राजफाश किया था, उन सभी को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में इन कर्मचारियों की बहाली हो गई। अब चर्चा है कि स्टिंग ऑपरेशन की सीडी सीबीआई को मिल चुकी और सीबीआई की टीम कुछ कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है।
एक चैनल ने जुलाई 2014 में आयोग के छह कर्मचारियों और पांच विशेषज्ञों का स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस दौरान कर्मचारियों ने बताया था कि आयोग की ओर से की जाने वाली भर्तियों में किस तरह से धांधली की जाती है। विशेषज्ञों ने भी यह बात स्वीकारी थी कि कुछ अभ्यर्थियों को अधिक नंबर देने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता है और मना करने पर विशेषज्ञों से दुर्व्यवहार किया जाता है। चैनल में प्रसारित यह कार्यक्रम तकरीबन दो घंटे का था। कार्यक्रम के प्रसारण के बाद सभी छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि बाद में सभी की बहाली हो गई।
सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम की सीडी सीबीआई को मिल चुकी है और सीबीआई इस सीडी के आधार पर कुछ कर्मचारियों और विशेषज्ञों से भी पूछताछ कर सकती है। ऐसे में आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल में हुईं भर्तियों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं और गड़बड़ी करने वालों पर सीबीआई का शिकंजा कस सकता है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के कुछ अफसर पिछले दो-तीन दिनों से इलाहाबाद में हैं और अपने स्तर से उन्होंने जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि आयोग के अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।