इस्राइली सेना ने सोमवार को गाजा पट्टी में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया। इसमें 14 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शिफा और अल-अहली अस्पताल ने उत्तर गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में हमले में पांच महिलाएं और सात बच्चे मारे जाने की पुष्टि की है। इस्राइली सेना ने इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस्राइल का कहना है कि वह केवल आतंकवादियों को निशाना बनाता है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचने की कोशिश करता है। वह नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराता है, क्योंकि यह चरमपंथी संगठन आबादी वाले इलाकों में सक्रिय है।
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इस्राइल-हमास युद्ध 7 अक्तूबर 2023 को तब शुरू हुआ, जब फलस्तीनी चरमपंथियों ने इस्राइल पर हमला किया। इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे और ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया गया। इनमें से अधिकांश बंधकों को युद्धविराम समझौतों या अन्य समझौतों के तहत रिहा कर दिया गया। हालांकि अभी भी हमास ने 58 लोगों को बंधक बना रखा है, जिनमें करीब एक तिहाई के जीवित होने का आशंका है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइल की सैन्य कार्रवाई में 54,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि मृतकों में कितने नागरिक थे और कितने हमास के लड़ाके। इस्राइली हमलों में गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो चुका है और लगभग 90 फीसदी आबादी बेघर हो चुकी है।
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हमास ने कहना है कि वह बचे हुए बंदियों को तब ही रिहा करेगा, जब इसके बदले और फिलिस्तीनी कैदी छोड़े जाएं, स्थायी संघर्ष विराम हो और इस्राइल गाजा से पीछे हटे। इस्राइल का कहना है कि वह तब तक युद्ध जारी रखेगा जब तक सभी बंदियों को छुड़ाया नहीं जाता और हमास को हराया या हथियार छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाता और उसे निर्वासित नहीं किया जाता।
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