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India-Indonesia: सुबियांतो की भारत यात्रा में हो सकते हैं कई समझौते; ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की डील भी शामिल

Wed, 22 Jan 2025 09:26 PM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इस बार गणतंत्र दिवस परेड में इंडोनेशिया का 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दल भी भारतीय जवानों के साथ कदमताल करता नजर आएगा। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रपति के तौर पर यह उनका पहला भारत दौरा होगा।
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सुबियांतो की भारत यात्रा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस बार 26 जनवरी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत आएंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की शनिवार से शुरू हो रही दो दिवसीय भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते करने के लिए तैयार हैं। 

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ये समझौते हो सकते हैं
इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदने का इच्छुक है।  ऐसे में सुबियांतो की यात्रा के दौरान इस आशय की घोषणा हो सकती है। वे शनिवार को पीएम मोदी के साथ वार्ता भी करेंगे। उनकी यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वार्ता में रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों में आई है तेजी 
पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में तेजी आई है। पीएम मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की, जिसके दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। प्रबोवो सुबियांतो इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत कर चुके हैं। इंडोनेशिया में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद सुबियांतो ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों के बीच भारत-इंडोनेशिया के सभ्यतागत रिश्तों को आगे बढ़ाने से लेकर कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई थी। इसके अलावा दोनों नेताओं ने 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरो में जी20 सम्मेलन के दौरान भी मुलाकात की थी। 

भारत को लेकर क्या रहा है सुबियांतो का रुख?
प्रबोवो सुबियांतो भारत के समर्थन में बयान देने वाले वैश्विक नेताओं में से रहे हैं। नवंबर 2023 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने से पहले ही वे इंडोनेशिया में भारत से सीखने की बात कहते रहे। एक मौके पर तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि इंडोनेशिया ने बहुत दशकों तक पश्चिम की ओर देखा है। हालांकि, अब हमें यूरोप की जरूरत नहीं है और देश को कुछ भी सीखने के लिए पश्चिम की तरफ नहीं देखना चाहिए। बल्कि पूर्वी एशिया में भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से सीखना चाहिए। 

इतना ही नहीं प्रबोवो ने इंडोनेशिया के ब्रिक्स गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर विचार करने की बात कही थी। उनका मानना है कि ब्रिक्स एक भू-राजनीतिक गठबंधन न होकर एक आर्थिक गठबंधन है, जिससे इंडोनेशिया को फायदा हो सकता है। 

इतना होता है व्यापार
2018 में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों में भी लगातार विस्तार देखा गया है। भारत की एक्ट ईस्ट नीति में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है। 2023 में भारत-इंडोनेशिया व्यापार की मात्रा 29.40 बिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई। इंडोनेशिया में बुनियादी ढांचे, बिजली, कपड़ा, इस्पात, मोटर वाहन, खनन, बैंकिंग और उपभोक्ता सामान क्षेत्रों में भारतीय निवेश 1.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

बता दें कि इंडोनेशिया भारतीय मूल के लगभग 150,000 व्यक्ति रहते हैं। ये वो लोग हैं, जिनके पूर्वज 19वीं और 20वीं शताब्दी में इंडोनेशिया में चले गए थे।  
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गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगा इंडोनेशिया का 352 सदस्यीय दल
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में इंडोनेशिया का 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दल भी भारतीय जवानों के साथ कदमताल करता नजर आएगा। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रपति के तौर पर यह उनका पहला भारत दौरा होगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडोनेशिया से 162 सदस्यों वाला मार्चिंग दस्ता और 190 सदस्यों वाला बैंड दल भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे। यह पहली बार है, जब इंडोनेशियाई दल किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय परेड में भाग ले रहा है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक है।
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