सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने सड़क दुर्घटना और वाहनों की चोरी रोकने के लिए कुछ ऐप तैयार किए हैं। वह अभी बमुश्किल 12 साल का है लेकिन अब तक पेटेंट के लिए चार आवेदन कर चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के इस प्रतिभावान छात्र बीएस रेवंत नम्बुरि से मुलाकात की और प्रस्तुति को देखा। गडकरी ने उसकी प्रौद्योगिकी को इस्तेमाल में लाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हालांकि इन ऐप को अभी तकनीकी मंजूरी नहीं मिली है।
रेवंत नागपुर के माउंट लिटेरा जी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है। उसने यातायात के नियमों के उल्लंघन पर पल पल की तत्काल निगरानी के लिए ऐप तैयार किये हैं। ऐप में सीटबेल्ट सेंसर, ब्रीथेलाइजर, हर्ट रेट एनालाइजर और सीपीयू शामिल है जो सूचनाओं को जमा करता है और प्राधिकरणों को सावधान करता है। दूसरा ऐप क्यूआर कोड पर आधारित है और बिना नेटवर्क कनेक्टिविटी के कहीं भी डेटा या दस्तावेज का प्रिंट निकालने की सुविधा देता है। एक अन्य पेटेंट वाहनों की चोरी रोकने से संबंधित है। यह एक स्मार्ट की, पहले से लगे सिम कार्ड का इस्तेमाल करता है।
रेवंत ने कहा, उसकी प्रौद्योगिकी वृहद स्तर पर लोगों को फायदा पहुंचा सके, यही सोचकर पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है ताकि इन्हें सरकार या किसी निजी निकाय को हस्तांतरित किया जा सके।