सरकार ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन से संबंधित विसंगतियों की शिकायतें प्राप्त करने और उनका निपटारा करने की समयसीमा तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। केंद्र ने दूसरी बार समयसीमा बढ़ाई है।
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के क्रियान्वयन में किसी भी विसंगति से संबंधित शिकायत को प्राप्त करने की वास्तविक समयसीमा 15 फरवरी थी। फिर इसे पहले 15 मई और अब 15 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के मंगलवार को जारी आदेश में यह जानकारी दी गई है। इसी तरह, इन शिकायतों के निपटारे की समयसीमा अब 15 फरवरी, 2018 कर दी गई है। इसकी वास्तविक समयसीमा 15 अगस्त थी जिसे पहले 15 नवंबर तक विस्तार दिया गया था।
केंद्र ने सातवें वेतन आयोग की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। सातवां वेतन आयोग एक जनवरी, 2016 से लागू होना है। डीओपीटी ने गत वर्ष सभी केंद्रीय विभागों को वेतन से जुड़ी विसंगतियों को देखने के लिए समिति गठित करने को कहा था।