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सातवां वेतन आयोगः 1.14 लाख करोड़ रुपये के बोझ तले होगी सरकार

Wed, 29 Jun 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने से इस साल सरकार पर 1.14 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है लेकिन इससे देश की राजकोषीय स्थिति पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। इसके लिए पहले से ही रकम का प्रावधान कर लिया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उस दौरान लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए जेटली ने बताया कि पांचवे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से खजाने पर 17,000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ा था।

छठे वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद यह वित्तीय भार बढ़ कर 40,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने पर सरकार पर चालू वित्त वर्ष के दौरान 1,02,100 करोड़ रुपये का भार पड़ रहा है।
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चूंकि 1 जनवरी, 2016 से सिफारिशें लागू करने का फैसला हुआ है, इसलिए कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान करना होगा। इस वर्ष जनवरी, फरवरी और मार्च के लिए एरियर करीब 12,000 करोड़ रुपये बनता है, जिसका भुगतान इसी साल किया जाएगा। इस तरह से पूरे वर्ष के दौरान सरकार पर 1,14,100 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ेगा।

उन्होंने बताया कि इतना वित्तीय बोझ बढ़ने के बावजूद राजकोषीय स्थिति पर कोई खराब असर नहीं पड़ेेेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए राशि का प्रावधान इस साल के बजट में पहले से ही किया जा चुका है। 
 
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उद्योग संगठनों ने किया फैसले का स्वागत

केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के सरकार के फैसले का उद्योग संगठनों ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही कहा है कि इससे महंगाई बढ़ेगी और सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच वेतन की खाई भी चौड़ी होगी।

फिक्की के महासचिव दीदार सिंह ने कहा कि इस वेतन वृद्घि से बाजार में करीब एक लाख करोड़ रुपये और आएंगे जिससे वस्तु एवं सेवाओं की मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ेगी। इससे 8 फीसदी के विकास दर के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

सीआईआई के महासचिव चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि इससे मध्य वर्ग में खर्च और निवेश की धारणा को बल मिलेगा।

एसोचैम के महासचिव डी एस रावत का कहना है कि इससे आम आदमी पर महंगाई का असर भी बढ़ेगा। बाजार में एक लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त आने से उद्योग जगत को तो फायदा होगा लेकिन आने वाले समय में सरकारी और निजी क्षेत्र में वेतन की खाई और चौड़ी होगी।

वेतन आयोग की रिपोर्ट पर झूमा शेयर बाजार
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने की घोषणा के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक फीसदी की उछाल दर्ज की गई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 215.84 अंक यानी 0.81 फीसदी की उछाल के साथ 26,740 पर जाकर बंद हुआ है और एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 76.15 अंक यानी 0.94 फीसदी की बढ़त के बाद 8,204 पर जाकर बंद हुआ है।

बाजार में एफएमसीजी सेक्टर की 0.15 फीसदी की गिरावट को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर बढ़त के हरे निशान के साथ बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा, 3 फीसदी की तेजी रियल्टी शेयरों में देखी गई है। माना जा रहा है कि लोगों का वेतन बढे़गा तो मकान की मांग बढे़गी। 


विश्लेषकों की राय
- वेतन आयोग लागू के बाद तेजी से बाजार में आएगा पैसा जिससे बढ़ेगी महंगाई
- 1,14,100 करोड़ अतिरिक्त जाने से राजकोषीय स्थिति पर होगा असर
- अच्छी बात यह कि इस कदम से देश के विकास को मिलेगी रफ्तार

 
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