सीवर के अंदर उतरकर हाथों से सफाई करता मजदूर (फाइल फोटो)
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक सेप्टिक टैंक की हाथों से सफाई करने के दौरान एक निजी पशुपालन केंद्र के सात मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक जमीन के नीचे मौजूद सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए पहले चार मजदूर उतरे। लेकिन जैसे ही वे अंदर गए जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए। जब वे बाहर नहीं आए तो उन्हें देखने के लिए चार मजदूर नीचे उतरे। लेकिन उनकी भी वही हश्र हुआ।
इसके बाद जिले के मोरम गांव में मौजूद श्री वेंकटेश्वर हेचरी लिमिटेड कंपनी के सुरक्षा अधिकारियों ने मदद की गुहार लगाई और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टैंक को तोड़कर मजदूरों को बाहर निकाला। इनमें से एक मजदूर मृत पाया गया और बाकी सात मजदूर बेहोशी की हालत में थे। अस्पताल ले जाने के दौरान इनमें से तीन मजदूरों ने रास्ते में दम तोड़ दिया जबकि तीन मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें से सिर्फ एक मजदूर शिवा की जान बच पाई। अस्पताल में उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
मृतकों की शिनाख्त रेड्डप्पा, रामचंद्र, केसव, रमेश, गोविंदा स्वामी, बाबू और वेंकट राजू के रूप में की गई है।
पुलिस ने कहा है कि, 'पहली नजर में ऐसा लगता है कि हेचरी के सफाई सुपरवाइजर मजदूरों को अंदर भेजने से पहले सेप्टिक टैंक की स्थिति का आकलन नहीं कर पाए। कंपनी हर छह महीने में एक बार टैंक की सफाई करवाती है।
पुलिस ने बताया कि लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के तुरंत बाद संयंत्र का मैनेजर फरार हो गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास ने कहा है कि सरकार पीड़ितों के परिवारों को सभी संभव सहायता करेगी।